
Aab Katek Chup Rahoo
Author: Deep Narayan
Brand: Rajkamal Prakashan
Edition: First Edition
Binding: paperback
Number Of Pages: 127
Release Date: 01-10-2021
Details: दीप नारायण अपन जीवनक भोगल यथार्थकेँ अपन शब्द-शिल्प, उद्भावना आ कुशल अभिव्यक्तिक माध्यमे समकालीन मैथिली कविताक क्षेत्रमे अपन बेछप उपस्थिति दर्ज कएलनि अछि। —तारानन्द वियोगी दीप नारायणक कवितासँ समकालीन मैथिली कवितामे निस्संदेह सम्भावनाक एकटा नव बाट फुजैत अछि। —नारायणजी दीप नारायण मैथिलीक लोकप्रिय कवि छथि। मैथिली कविता आ समकालीन भारतीय कविता हिनक लेखनीसँ समृद्ध हैत। —विद्यानन्द झा दीप नारायण, सरल सुबोध भाषामे दैनिक जीवनक बहुत रास शब्द जकर अंकुरण मिथिलाक माटिपानिमे भेलैक, ओकरा अपन रचनात्मक कौशलसँ प्रभावी अर्थ दए, ‘आब कतेक चुप रहू’ लिखि एकटा सार्थक काज कएलनि अछि। प्रयुक्त प्रतीक-विम्बमे मानवीय-संवेदनाक अन्तर्वर्ती सौन्दर्य कवितासभकेँ विशिष्ट बनबैत छैक। लोक–संवेदनाक एहि कविक लिखबाक अपनहि ढ’ब-ढर्रा छनि। जीवनक भोगल यथार्थकेँ अनुभूतिक र’हीसँ र’हिक’ मानवीय संवेदनाक प्रतीति गढ़बामे निष्णात कवि दीप नारायणक कविताक बगएमे फूटल बकार समकालीन मैथिली कविताक एक विशिष्ट हाक भ’ सकैत अछि। अपन मौलिक शिल्पगत वैशिष्ट्यसँ काव्य-जगतमे फूट पहिचानक संग ई प्रतिष्ठित होएताह से हमर विश्वास अछि। —कीर्ति नारायण मिश्र
EAN: 9789390971961
Package Dimensions: 7.9 x 5.2 x 0.6 inches
Languages: Hindi
Original: $2.09
-65%$2.09
$0.73Product Information
Product Information
Shipping & Returns
Shipping & Returns
Description
Author: Deep Narayan
Brand: Rajkamal Prakashan
Edition: First Edition
Binding: paperback
Number Of Pages: 127
Release Date: 01-10-2021
Details: दीप नारायण अपन जीवनक भोगल यथार्थकेँ अपन शब्द-शिल्प, उद्भावना आ कुशल अभिव्यक्तिक माध्यमे समकालीन मैथिली कविताक क्षेत्रमे अपन बेछप उपस्थिति दर्ज कएलनि अछि। —तारानन्द वियोगी दीप नारायणक कवितासँ समकालीन मैथिली कवितामे निस्संदेह सम्भावनाक एकटा नव बाट फुजैत अछि। —नारायणजी दीप नारायण मैथिलीक लोकप्रिय कवि छथि। मैथिली कविता आ समकालीन भारतीय कविता हिनक लेखनीसँ समृद्ध हैत। —विद्यानन्द झा दीप नारायण, सरल सुबोध भाषामे दैनिक जीवनक बहुत रास शब्द जकर अंकुरण मिथिलाक माटिपानिमे भेलैक, ओकरा अपन रचनात्मक कौशलसँ प्रभावी अर्थ दए, ‘आब कतेक चुप रहू’ लिखि एकटा सार्थक काज कएलनि अछि। प्रयुक्त प्रतीक-विम्बमे मानवीय-संवेदनाक अन्तर्वर्ती सौन्दर्य कवितासभकेँ विशिष्ट बनबैत छैक। लोक–संवेदनाक एहि कविक लिखबाक अपनहि ढ’ब-ढर्रा छनि। जीवनक भोगल यथार्थकेँ अनुभूतिक र’हीसँ र’हिक’ मानवीय संवेदनाक प्रतीति गढ़बामे निष्णात कवि दीप नारायणक कविताक बगएमे फूटल बकार समकालीन मैथिली कविताक एक विशिष्ट हाक भ’ सकैत अछि। अपन मौलिक शिल्पगत वैशिष्ट्यसँ काव्य-जगतमे फूट पहिचानक संग ई प्रतिष्ठित होएताह से हमर विश्वास अछि। —कीर्ति नारायण मिश्र
EAN: 9789390971961
Package Dimensions: 7.9 x 5.2 x 0.6 inches
Languages: Hindi


















