
Aadivasi : Shaurya Evam Vidroh
Author: Ed. Ramanika Gupta
Brand: RADHA KRISHNA PRAKASAN PVT LTD
Edition: First Edition
Binding: hardcover
Number Of Pages: 144
Release Date: 01-01-2016
Part Number: 8183615546
Details: सर्वप्रथम हमें पूर्वोत्तर के इतिहास में जाना जरूरी है, जिससे यह पता चलता है कि वे अंग्रेज़ों, ज़ुल्मी राजाओं या किसी भी अन्याय के ख़िलाफ़ लड़े। इस पुस्तक में हमने अलग-अलग भाषा व राज्यों के वीर नायकों व नायिकाओं की कथाओं के अतिरिक्त पूर्वोत्तर के भिन्न राज्यों में हुए विद्रोहों, प्रतिरोधात्मक आन्दोलनों पर शोध-परक गाथाएँ व सामग्री प्रस्तुत की है। ये सभी गाथाएँ - लिजिन्द्रियां, लोककथाएँ या लोकगीत व टिप्पणियाँ पूर्वोत्तर के ही लेखकों द्वारा लिखी गई हैं। हमने इनका चयन कर हिन्दी में अनूदित कर प्रस्तुत किया है। इनके चयन और सम्पादन में काफी समय लगा। चूंकि अनूदित सामग्री की भाषा को परिष्कृत भी करना पड़ा हमने हिन्दी में कुछ गाथाएँ पूर्वोत्तर में उपलब्ध भिन्न ग्रन्थों व दस्तावेजों में दर्ज टिप्पणियों के आधार पर तैयार करके भी प्रस्तुत की गई हैं। एक ही नायक पर भिन्न-भिन्न लेखकों ने अपने-अपने क्षेत्र में उपलब्ध सामग्री (लोकगीत, किवदंतियों, लोककथाएँ, ऐतिहासिक दस्तावेज आदि) से लेकर अपने-अपने दृष्टिकोण से प्रस्तुत की है। हमने सभी को सम्मानित करने का प्रयास किया है ताकि पूर्वोत्तर में घटित इस इतिहास को - गहराई तक समझा और जाना जा सके और शेष भारत उनसे अपना दर्द का रिश्ता जोड़ कर संवाद कायम करे। - ‘सम्पादकीय’ से
EAN: 9788183615549
Package Dimensions: 8.8 x 5.6 x 0.6 inches
Languages: Hindi
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Description
Author: Ed. Ramanika Gupta
Brand: RADHA KRISHNA PRAKASAN PVT LTD
Edition: First Edition
Binding: hardcover
Number Of Pages: 144
Release Date: 01-01-2016
Part Number: 8183615546
Details: सर्वप्रथम हमें पूर्वोत्तर के इतिहास में जाना जरूरी है, जिससे यह पता चलता है कि वे अंग्रेज़ों, ज़ुल्मी राजाओं या किसी भी अन्याय के ख़िलाफ़ लड़े। इस पुस्तक में हमने अलग-अलग भाषा व राज्यों के वीर नायकों व नायिकाओं की कथाओं के अतिरिक्त पूर्वोत्तर के भिन्न राज्यों में हुए विद्रोहों, प्रतिरोधात्मक आन्दोलनों पर शोध-परक गाथाएँ व सामग्री प्रस्तुत की है। ये सभी गाथाएँ - लिजिन्द्रियां, लोककथाएँ या लोकगीत व टिप्पणियाँ पूर्वोत्तर के ही लेखकों द्वारा लिखी गई हैं। हमने इनका चयन कर हिन्दी में अनूदित कर प्रस्तुत किया है। इनके चयन और सम्पादन में काफी समय लगा। चूंकि अनूदित सामग्री की भाषा को परिष्कृत भी करना पड़ा हमने हिन्दी में कुछ गाथाएँ पूर्वोत्तर में उपलब्ध भिन्न ग्रन्थों व दस्तावेजों में दर्ज टिप्पणियों के आधार पर तैयार करके भी प्रस्तुत की गई हैं। एक ही नायक पर भिन्न-भिन्न लेखकों ने अपने-अपने क्षेत्र में उपलब्ध सामग्री (लोकगीत, किवदंतियों, लोककथाएँ, ऐतिहासिक दस्तावेज आदि) से लेकर अपने-अपने दृष्टिकोण से प्रस्तुत की है। हमने सभी को सम्मानित करने का प्रयास किया है ताकि पूर्वोत्तर में घटित इस इतिहास को - गहराई तक समझा और जाना जा सके और शेष भारत उनसे अपना दर्द का रिश्ता जोड़ कर संवाद कायम करे। - ‘सम्पादकीय’ से
EAN: 9788183615549
Package Dimensions: 8.8 x 5.6 x 0.6 inches
Languages: Hindi


















