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Aam Aadmi ke Naam Par : Bhrashtachaar Virodh sei Rashtravaa tak Dus Saal ka Safarnaama Abhishek Shrivastava आम आदमी के नाम पर : भ्रष्‍टाचार विरोध से राष्‍ट्रवाद तक दस साल का सफरनामा

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Aam Aadmi ke Naam Par : Bhrashtachaar Virodh sei Rashtravaa tak Dus Saal ka Safarnaama Abhishek Shrivastava आम आदमी के नाम पर : भ्रष्‍टाचार विरोध से राष्‍ट्रवाद तक दस साल का सफरनामा

Author: Abhishek Shrivastava (अभिषेक श्रीवास्तव)

Brand: Anuugya Books

Edition: Ist

Binding: paperback

Number Of Pages: 169

Release Date: 01-12-2022

Part Number: Anuugya Books

Details: बीते दस साल में बार-बार यह सवाल उठा है कि क्‍या नरेन्द्र मोदी और अरविन्द केजरीवाल एक ही सिक्‍के के दो पहलू हैं? यह संयोग नहीं है। इसके पीछे तमाम सामाजिक, राजनीतिक और मनोवैज्ञानिक कारण मौजूद हैं। भूलना नहीं चाहिए कि इस देश में एक ही वक्‍त में दोनों नेताओं को समेटे हुए एक विरोधाभासी नारा लगा था– “मोदी फॉर पीएम, केजरीवाल फॉर सीएम”। नारा साकार भी हुआ। देश में मोदी की सरकार बनी और दिल्‍ली में केजरीवाल की। आखिर यह कैसे सम्भव हुआ कि एक ही मतदाता ने एक ही वक्‍त में दो अलहदा वैचारिकी के वाहक किरदारों को एक साथ चुन लिया? दो ही बातें मुमकिन हो सकती हैं– या तो मतदाता व्‍यक्तित्‍व विघटन व मनोविकार का शिकार था या फिर दोनों किरदारों के बीच दिखने वाला विरोध ही आभासी था, गोया ‘तुम भी हम जैसे ही निकले!’

Package Dimensions: 9.0 x 6.0 x 0.5 inches

Languages: Hindi

$0.54

Original: $1.53

-65%
Aam Aadmi ke Naam Par : Bhrashtachaar Virodh sei Rashtravaa tak Dus Saal ka Safarnaama Abhishek Shrivastava आम आदमी के नाम पर : भ्रष्‍टाचार विरोध से राष्‍ट्रवाद तक दस साल का सफरनामा

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Description

Author: Abhishek Shrivastava (अभिषेक श्रीवास्तव)

Brand: Anuugya Books

Edition: Ist

Binding: paperback

Number Of Pages: 169

Release Date: 01-12-2022

Part Number: Anuugya Books

Details: बीते दस साल में बार-बार यह सवाल उठा है कि क्‍या नरेन्द्र मोदी और अरविन्द केजरीवाल एक ही सिक्‍के के दो पहलू हैं? यह संयोग नहीं है। इसके पीछे तमाम सामाजिक, राजनीतिक और मनोवैज्ञानिक कारण मौजूद हैं। भूलना नहीं चाहिए कि इस देश में एक ही वक्‍त में दोनों नेताओं को समेटे हुए एक विरोधाभासी नारा लगा था– “मोदी फॉर पीएम, केजरीवाल फॉर सीएम”। नारा साकार भी हुआ। देश में मोदी की सरकार बनी और दिल्‍ली में केजरीवाल की। आखिर यह कैसे सम्भव हुआ कि एक ही मतदाता ने एक ही वक्‍त में दो अलहदा वैचारिकी के वाहक किरदारों को एक साथ चुन लिया? दो ही बातें मुमकिन हो सकती हैं– या तो मतदाता व्‍यक्तित्‍व विघटन व मनोविकार का शिकार था या फिर दोनों किरदारों के बीच दिखने वाला विरोध ही आभासी था, गोया ‘तुम भी हम जैसे ही निकले!’

Package Dimensions: 9.0 x 6.0 x 0.5 inches

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