✨ New Arrivals Just Dropped!Explore
HomeStore

Adhoore Swangon Ke Darmiyan

Product image 1

Adhoore Swangon Ke Darmiyan

Author: Sudhanshu Firdaus

Brand: Rajkamal Prakashan

Binding: paperback

Number Of Pages: 152

Release Date: 01-01-2020

Part Number: 9389577934

Details: नई पीढ़ी के अनिवार्य कवि सुधांशु फ़िरदौस की कविताओं की दुनिया ने अपने बनने के लिए जो रंग चुने हैं, उनमें प्रतीक्षा का रंग सबसे गहरा है। अधूरे स्वाँगों के दरमियान में समाई कविताओं में प्रतीक्षा और धैर्य के अमर बिम्ब हैं, प्रेम और स्वप्न के भी। इन कविताओं की आधुनिकता एक चिन्तित नागरिक के अकेलेपन, अपराध-बोध और उदासियों से जुड़ी है। इनमें लोक तथा परम्परा की नव-निर्मितियाँ हैं और एक उम्र से एक उम्र की तरफ़ बढ़ती हुई यात्राएँ। चूँकि यह संग्रह तब आ रहा है, जब कवि ने अपना स्वर पा लिया है—इसलिए इसमें वे सारी उधेड़बुनें और बेचैनियाँ; वे सारे सरोकार और इन्तज़ार पाए जा सकते हैं जो एक जगह से दूसरी जगह जाने के सफ़र में सामने आए। इस कविता-संग्रह में कवि ने अपना अब तक का कुछ भी छोड़ा नहीं है, बल्कि वह सब कुछ जोड़ दिया है जिससे हमारा आज का कवि और कवि-समय बनता है।

EAN: 9789389577938

Package Dimensions: 7.8 x 5.2 x 0.7 inches

Languages: Hindi

$0.36

Original: $1.04

-65%
Adhoore Swangon Ke Darmiyan

$1.04

$0.36

Product Information

Shipping & Returns

Description

Author: Sudhanshu Firdaus

Brand: Rajkamal Prakashan

Binding: paperback

Number Of Pages: 152

Release Date: 01-01-2020

Part Number: 9389577934

Details: नई पीढ़ी के अनिवार्य कवि सुधांशु फ़िरदौस की कविताओं की दुनिया ने अपने बनने के लिए जो रंग चुने हैं, उनमें प्रतीक्षा का रंग सबसे गहरा है। अधूरे स्वाँगों के दरमियान में समाई कविताओं में प्रतीक्षा और धैर्य के अमर बिम्ब हैं, प्रेम और स्वप्न के भी। इन कविताओं की आधुनिकता एक चिन्तित नागरिक के अकेलेपन, अपराध-बोध और उदासियों से जुड़ी है। इनमें लोक तथा परम्परा की नव-निर्मितियाँ हैं और एक उम्र से एक उम्र की तरफ़ बढ़ती हुई यात्राएँ। चूँकि यह संग्रह तब आ रहा है, जब कवि ने अपना स्वर पा लिया है—इसलिए इसमें वे सारी उधेड़बुनें और बेचैनियाँ; वे सारे सरोकार और इन्तज़ार पाए जा सकते हैं जो एक जगह से दूसरी जगह जाने के सफ़र में सामने आए। इस कविता-संग्रह में कवि ने अपना अब तक का कुछ भी छोड़ा नहीं है, बल्कि वह सब कुछ जोड़ दिया है जिससे हमारा आज का कवि और कवि-समय बनता है।

EAN: 9789389577938

Package Dimensions: 7.8 x 5.2 x 0.7 inches

Languages: Hindi

Adhoore Swangon Ke Darmiyan | Explore Millions of Books