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Adhunik Bharatiya Kavita Mein Radha | ?????? ?????? ????? ??? ???? by ????? ???????? [Hardcover] Rakesh Kumar Tripathi

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Adhunik Bharatiya Kavita Mein Radha | ?????? ?????? ????? ??? ???? by ????? ???????? [Hardcover] Rakesh Kumar Tripathi

Author: Rakesh Kumar Tripathi

Brand: Anuugya Books

Edition: 1

Features:

  • Critical analysis of hindi poetry by Rakesh Kumar Tripthy

Binding: hardcover

Number Of Pages: 96

Release Date: 01-12-2017

Details: कवि जिन भावों को कविता में अभिव्यक्त करना चाहता है–उसके अनुरूप शब्दों, प्रतीकों, बिम्बों का प्रयोग हुआ है या नहीं, यही प्रामाणिकता को परखने की कसौटी है। 'श्री राधाÓ की पूरी संरचना में एक खास तरह की जटिलता देखी जा सकती है। यह जटिलता श्री राधा की जटिल स्थिति की ही वजह से है। 'श्री राधाÓ की काव्य-नायिका का पूरा काम्प्लेक्स, काम्प्लेक्स बिम्बों के सहारे मुखरित होता है। 'श्री राधाÓ की संरचना की सबसे बड़ी शक्ति है–कविता में अन्तर्निहित तनाव के बावजूद उसकी प्रगीतात्मकता की संरक्षा। पूरी कविता में, प्रारम्भ से अन्त तक एक खास तरह की शान्ति है और यह विशिष्ट शान्ति श्री राधा की मानसिक सचेतनता से, उसके प्रेम की सान्द्रता से आती है। 'कनुप्रियाÓ की कविताओं में भी कनुप्रिया की भावनाओं को प्रामाणिक अभिव्यक्ति मिली है। कनुप्रिया की कैशोर्य-मानसिकता इसकी पूरी संरचना में विद्यमान है। किशोरावस्था का पूरा उफान कविता में भी ज्वार ला देता है और इससे उपजता है एक विशिष्ट वाक्छल जो भारती जी के साहित्य की विशेषता है। प्रगीतात्मकता और नाटकीयता का सुन्दर संश्लेष इन कविताओं में हुआ है। कुल मिलाकर क्षणिक प्रभाव की दृष्टि से कविताएँ बेजोड़ हैं।

Package Dimensions: 9.0 x 6.0 x 0.5 inches

Languages: Hindi

$1.77
Adhunik Bharatiya Kavita Mein Radha | ?????? ?????? ????? ??? ???? by ????? ???????? [Hardcover] Rakesh Kumar Tripathi
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Description

Author: Rakesh Kumar Tripathi

Brand: Anuugya Books

Edition: 1

Features:

  • Critical analysis of hindi poetry by Rakesh Kumar Tripthy

Binding: hardcover

Number Of Pages: 96

Release Date: 01-12-2017

Details: कवि जिन भावों को कविता में अभिव्यक्त करना चाहता है–उसके अनुरूप शब्दों, प्रतीकों, बिम्बों का प्रयोग हुआ है या नहीं, यही प्रामाणिकता को परखने की कसौटी है। 'श्री राधाÓ की पूरी संरचना में एक खास तरह की जटिलता देखी जा सकती है। यह जटिलता श्री राधा की जटिल स्थिति की ही वजह से है। 'श्री राधाÓ की काव्य-नायिका का पूरा काम्प्लेक्स, काम्प्लेक्स बिम्बों के सहारे मुखरित होता है। 'श्री राधाÓ की संरचना की सबसे बड़ी शक्ति है–कविता में अन्तर्निहित तनाव के बावजूद उसकी प्रगीतात्मकता की संरक्षा। पूरी कविता में, प्रारम्भ से अन्त तक एक खास तरह की शान्ति है और यह विशिष्ट शान्ति श्री राधा की मानसिक सचेतनता से, उसके प्रेम की सान्द्रता से आती है। 'कनुप्रियाÓ की कविताओं में भी कनुप्रिया की भावनाओं को प्रामाणिक अभिव्यक्ति मिली है। कनुप्रिया की कैशोर्य-मानसिकता इसकी पूरी संरचना में विद्यमान है। किशोरावस्था का पूरा उफान कविता में भी ज्वार ला देता है और इससे उपजता है एक विशिष्ट वाक्छल जो भारती जी के साहित्य की विशेषता है। प्रगीतात्मकता और नाटकीयता का सुन्दर संश्लेष इन कविताओं में हुआ है। कुल मिलाकर क्षणिक प्रभाव की दृष्टि से कविताएँ बेजोड़ हैं।

Package Dimensions: 9.0 x 6.0 x 0.5 inches

Languages: Hindi

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