
Agnileek
Author: Hrishikesh Sulabh
Brand: Rajkamal Prakashan
Binding: paperback
Number Of Pages: 256
Release Date: 01-11-2019
Part Number: 9389577411
Details: हृषीकेश सुलभ के उपन्यास अग्निलीक में बिहार के गाँवों के बदलने की कथा दर्ज है। यह कथा फणीश्वरनाथ रेणु की कथा-भूमि की याद दिलाती है। रेणु ने कोसी तट के आसपास बसे गाँवों को अपना कथा-विषय चुना था। सुलभ जी ने अपने इस पहले उपन्यास में घाघरा नदी के किनारे बसे गाँवों की कथा कही है। वे आज़ादी से पहले और उसके बाद घाघरा और गंडक नदी के आसपास के इलाकों में आए बाह्य परिवर्तनों को चिह्नित करने के साथ-साथ यहाँ की सामंती सामाजिक संरचना में हो रहे अन्दरूनी बदलावों को भी सामने ले आते हैं। वे स्त्रियों के जीवन में घटित हो रहे परिवर्तन की अंतर्कथा को भी बहुत सूक्ष्मता से मुख्यकथा के साथ पिरोते चलते है। यह पुरबियों के जीवन-परिवर्तन की कथा है।
EAN: 9789389577419
Package Dimensions: 8.9 x 5.7 x 0.7 inches
Languages: Hindi
Original: $2.30
-65%$2.30
$0.80Product Information
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Shipping & Returns
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Description
Author: Hrishikesh Sulabh
Brand: Rajkamal Prakashan
Binding: paperback
Number Of Pages: 256
Release Date: 01-11-2019
Part Number: 9389577411
Details: हृषीकेश सुलभ के उपन्यास अग्निलीक में बिहार के गाँवों के बदलने की कथा दर्ज है। यह कथा फणीश्वरनाथ रेणु की कथा-भूमि की याद दिलाती है। रेणु ने कोसी तट के आसपास बसे गाँवों को अपना कथा-विषय चुना था। सुलभ जी ने अपने इस पहले उपन्यास में घाघरा नदी के किनारे बसे गाँवों की कथा कही है। वे आज़ादी से पहले और उसके बाद घाघरा और गंडक नदी के आसपास के इलाकों में आए बाह्य परिवर्तनों को चिह्नित करने के साथ-साथ यहाँ की सामंती सामाजिक संरचना में हो रहे अन्दरूनी बदलावों को भी सामने ले आते हैं। वे स्त्रियों के जीवन में घटित हो रहे परिवर्तन की अंतर्कथा को भी बहुत सूक्ष्मता से मुख्यकथा के साथ पिरोते चलते है। यह पुरबियों के जीवन-परिवर्तन की कथा है।
EAN: 9789389577419
Package Dimensions: 8.9 x 5.7 x 0.7 inches
Languages: Hindi


















