
Bataoda (Selected Short Stories) -- बटौड़ा (कहानी संग्रह)
Author: Vipin Choudhary -- विपिन चौधरी
Brand: Anuugya Books
Edition: Ist
Binding: paperback
Number Of Pages: 122
Release Date: 01-12-2022
Details: ‘बटौड़ा’ कहानी संग्रह की कहानियाँ, मेरे आस-पास के वे प्रसंग हैं, जिनमें फ़साना व्यंजन में नमक जितना ही है, बाकी की सारी हक़ीक़त उस जीवन से रूबरू है जिसे मैंने नज़दीक से देखा और उसके भीतर सांस ले रहे सत्य को जानने की कोशिश की। हरियाणा की पितृसत्तात्मक संरचना में स्त्री को अपनी उपस्थिति दर्ज करने के लिए लगातार संघर्ष करना पड़ता है, इसी क्रम में उनका जीवन संघर्ष, श्रम और प्रतिरोध की प्रयोगशाला बन जाता है। ऐसी ही कई स्त्रियों के जीवन के कई पहलुओं को मैंने अपनी कहानियों में बुनने के कोशिश की है। इन प्रामाणिक अनुभवों में स्त्री जीवन की गहमागहमी हैं, प्रेम की पेचीदीगियाँ हैं, रिश्तों के पेच-ओ-ख़म हैं और इन सबके बीच में हवा के झोंके सी अनायास आ जाने वाली मैं भी हूँ, क्योंकि कहानी लिखते समय कहीं न कहीं मेरे सच के कुछ रेशे भी कहानी की बुनावट में गूँध जाते हैं। कहानियाँ पकने में काफी समय लेती हैं। कभी बचपन में देखी, महसूस की कोई घटना उम्र के किसी पड़ाव पर आकर कहानी का रूप ले लेती है, कहानी का यही सौंदर्य है। उसी सौंदर्य के भीतर इन कहानियों का जीवन है, जिसमें कितनी ही खट्टी-मिट्ठी स्मृतियाँ, सुख-दुख, हंसी खुशी से जुड़े ढेरों प्रसंग, राग विराग की ढकी छुपी उतेजनाएं सम्माहित हैं। पाठकों को मेरी इन कहानियों में जीवन के ये ही राग-रंग देखने को मिलेंगे।
EAN: 9789391034849
Package Dimensions: 9.0 x 6.0 x 0.5 inches
Languages: Hindi, English
Product Information
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Description
Author: Vipin Choudhary -- विपिन चौधरी
Brand: Anuugya Books
Edition: Ist
Binding: paperback
Number Of Pages: 122
Release Date: 01-12-2022
Details: ‘बटौड़ा’ कहानी संग्रह की कहानियाँ, मेरे आस-पास के वे प्रसंग हैं, जिनमें फ़साना व्यंजन में नमक जितना ही है, बाकी की सारी हक़ीक़त उस जीवन से रूबरू है जिसे मैंने नज़दीक से देखा और उसके भीतर सांस ले रहे सत्य को जानने की कोशिश की। हरियाणा की पितृसत्तात्मक संरचना में स्त्री को अपनी उपस्थिति दर्ज करने के लिए लगातार संघर्ष करना पड़ता है, इसी क्रम में उनका जीवन संघर्ष, श्रम और प्रतिरोध की प्रयोगशाला बन जाता है। ऐसी ही कई स्त्रियों के जीवन के कई पहलुओं को मैंने अपनी कहानियों में बुनने के कोशिश की है। इन प्रामाणिक अनुभवों में स्त्री जीवन की गहमागहमी हैं, प्रेम की पेचीदीगियाँ हैं, रिश्तों के पेच-ओ-ख़म हैं और इन सबके बीच में हवा के झोंके सी अनायास आ जाने वाली मैं भी हूँ, क्योंकि कहानी लिखते समय कहीं न कहीं मेरे सच के कुछ रेशे भी कहानी की बुनावट में गूँध जाते हैं। कहानियाँ पकने में काफी समय लेती हैं। कभी बचपन में देखी, महसूस की कोई घटना उम्र के किसी पड़ाव पर आकर कहानी का रूप ले लेती है, कहानी का यही सौंदर्य है। उसी सौंदर्य के भीतर इन कहानियों का जीवन है, जिसमें कितनी ही खट्टी-मिट्ठी स्मृतियाँ, सुख-दुख, हंसी खुशी से जुड़े ढेरों प्रसंग, राग विराग की ढकी छुपी उतेजनाएं सम्माहित हैं। पाठकों को मेरी इन कहानियों में जीवन के ये ही राग-रंग देखने को मिलेंगे।
EAN: 9789391034849
Package Dimensions: 9.0 x 6.0 x 0.5 inches
Languages: Hindi, English

















