✨ New Arrivals Just Dropped!Explore
HomeStore

Dakhil Kharij

Product image 1

Dakhil Kharij

Author: Ramdhari Singh Diwakar

Brand: Rajkamal Prakashan

Edition: First Edition

Binding: hardcover

Number Of Pages: 268

Release Date: 01-08-2019

Part Number: Refer to Sapnet.

Details: गाँव की टूटती-बिखरती समाजार्थिक व्यवस्था में छीजते जा रहे मानवीय मूल्यों को कथान्वित करने वाला यह उपन्यास दाखिल खारिज रामधारी सिंह दिवाकर की नवीनतम कथाकृति है। अपने छूटे हुए गाँव के लिए कुछ करने के सपनों और संकल्पों के साथ प्रोफेसर प्रमोद सिंह का गाँव लौटना और बेरहमी से उनको खारिज किया जाना आज के बदलते हुए गाँव का निर्मम यथार्थ है। यह कैसा गाँव है जहाँ बलात्कार मामूली-सी घटना है। हत्यारे, दुराचारी, बलात्कारी और बाहुबली लोकतांत्रिक व्यवस्था और सरकारी तंत्र को अपने हिसाब से संचालित करते हैं। सुराज के मायावी सपनों की पंचायती राज-व्यवस्था में पंचायतों को प्रदत्त अधिकार धन की लूट के स्रोत बन जाते हैं। सीमान्त किसान खेती छोड़ 'मनरेगा' में मजदूरी को बेहतर विकल्प मानते हैं। ऐसे विकृत-विखंडित होते गाँव की पीड़ा को ग्रामीण चेतना के कथाशिल्पी रामधारी सिंह दिवाकर ने पूरी संलग्नता और गहरी संवेदना से उकेरने का प्रयास किया है। हिन्दी कथा साहित्य से लगभग बहिष्कृत होते गाँव को विषय बना कर लिखे गए इस सशक्त उपन्यास को 'कथा में गाँव के पुनर्वास' के रूप में भी देखा-परखा जाएगा, ऐसी आशा है।

EAN: 9788126725946

Package Dimensions: 8.7 x 5.7 x 0.8 inches

Languages: Hindi

$4.46
Dakhil Kharij
$4.46

Product Information

Shipping & Returns

Description

Author: Ramdhari Singh Diwakar

Brand: Rajkamal Prakashan

Edition: First Edition

Binding: hardcover

Number Of Pages: 268

Release Date: 01-08-2019

Part Number: Refer to Sapnet.

Details: गाँव की टूटती-बिखरती समाजार्थिक व्यवस्था में छीजते जा रहे मानवीय मूल्यों को कथान्वित करने वाला यह उपन्यास दाखिल खारिज रामधारी सिंह दिवाकर की नवीनतम कथाकृति है। अपने छूटे हुए गाँव के लिए कुछ करने के सपनों और संकल्पों के साथ प्रोफेसर प्रमोद सिंह का गाँव लौटना और बेरहमी से उनको खारिज किया जाना आज के बदलते हुए गाँव का निर्मम यथार्थ है। यह कैसा गाँव है जहाँ बलात्कार मामूली-सी घटना है। हत्यारे, दुराचारी, बलात्कारी और बाहुबली लोकतांत्रिक व्यवस्था और सरकारी तंत्र को अपने हिसाब से संचालित करते हैं। सुराज के मायावी सपनों की पंचायती राज-व्यवस्था में पंचायतों को प्रदत्त अधिकार धन की लूट के स्रोत बन जाते हैं। सीमान्त किसान खेती छोड़ 'मनरेगा' में मजदूरी को बेहतर विकल्प मानते हैं। ऐसे विकृत-विखंडित होते गाँव की पीड़ा को ग्रामीण चेतना के कथाशिल्पी रामधारी सिंह दिवाकर ने पूरी संलग्नता और गहरी संवेदना से उकेरने का प्रयास किया है। हिन्दी कथा साहित्य से लगभग बहिष्कृत होते गाँव को विषय बना कर लिखे गए इस सशक्त उपन्यास को 'कथा में गाँव के पुनर्वास' के रूप में भी देखा-परखा जाएगा, ऐसी आशा है।

EAN: 9788126725946

Package Dimensions: 8.7 x 5.7 x 0.8 inches

Languages: Hindi

You may also like

NEW
Thumbnail 1Thumbnail 2

Marigold

$3.14

NEW
Thumbnail 1Thumbnail 2

How Does it Work?: Explore machines and objects, from fridges to fire engines!

$3.93

NEW
Thumbnail 1

Lose Your Mind: The Path to Creative Invincibility

$3.54

NEW
Thumbnail 1

Glorious Rivals: The explosive new series set in the bestselling world of The Inheritance Games! (The Grandest Game)

$4.32

NEW
Thumbnail 1

How to Heal from Emotionally Immature Parents: Overcome the Impact of Toxic Parenting, Heal Childhood Wounds and Feel at Peace with Your Past

$3.14

NEW
Thumbnail 1

A Thousand Perfect Lies

$7.07

NEW
Thumbnail 1

Hide And Seek

$7.07

NEW
Thumbnail 1

Lost Souls Meet Under a Full Moon: From the Japanese bestselling author of Lonely Castle in the Mirror (Lost Soul Series)

$4.71

NEW
Thumbnail 1Thumbnail 2

HIRED. FIRED. TIRED-A Brown Woman’s Manual To Thrive In Tech

$1.57

NEW
Thumbnail 1Thumbnail 2

Bloom-The Alchemy of Seven| Contemporary Fiction| Poetry

$1.57

NEW
Thumbnail 1Thumbnail 2

Heartbreak Detox-Contemporary fiction| Self-Love| Second chances

$1.96

NEW
Thumbnail 1Thumbnail 2

Agni-The Voice of Revolution| Political Thriller|Fiction | Justice vs Revenge

$2.74

Dakhil Kharij | Explore Millions of Books