
Ek Kishori Ki Diary
Author: Anne Frank
Brand: Rajkamal Prakashan
Binding: hardcover
Number Of Pages: 267
Release Date: 01-04-2018
Part Number: 9387462307
Details: अने फ्रांक की लिखी 'एक किशोरी की डायरी' विश्व की श्रेष्ठ कृतियों में गिनी जाती है। जर्मनी में जन्मी अने ने यह 'डायरी' 1942 से 1944 के दौरान लिखी। इसमें युद्ध के बाद जर्मन कब्जे के दौरान डच लोगों की पीड़ा का आँखों-देखा विवरण है। एक 15 वर्षीय किशोरी ने समाज की उथल-पुथल और अपने मन की कशमकश को बहुत ही ईमानदारी से व्यक्त किया है। जन्मदिन के उपहार स्वरूप मिली एक डायरी को जिस समय उन्होंने अपना सच्चा मित्र बनाया था, उस समय खुद उन्होंने भी कल्पना नहीं की होगी कि एक दिन यह डायरी विश्व की महानतम कृतियों में शुमार होगी। डायरी की प्रविष्टियों में जहाँ स्कूल की बातें हैं, तो सहेलियों की ईर्ष्या, मनपसन्द खिलौनों की चाह, छुट्टियों में बिताए समय के साथ देश में तेजी से बदलते हालात का भी वर्णन है। कैसे जर्मनी में रहनेवाले यहूदियों की जिन्दगी एक सनक-भर से जहन्नुम हो गई थी, लेकिन जीने की उत्कट इच्छा आखिरी समय तक भी हार मानने को तैयार नहीं हुई। अने का बाल-मन कहीं न कहीं मानता है कि एक दिन सब सही हो जाएगा और वो वापस अपने परिवार के साथ एक सामान्य जीवन जी पाएगी। एक किशोरी की यह मार्मिक डायरी सिर्फ उसी की न रहकर सीधे पाठक के दिल में घर कर जाती है।
EAN: 9789387462304
Package Dimensions: 8.7 x 5.7 x 0.8 inches
Languages: Hindi
Original: $7.28
-65%$7.28
$2.55Product Information
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Shipping & Returns
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Description
Author: Anne Frank
Brand: Rajkamal Prakashan
Binding: hardcover
Number Of Pages: 267
Release Date: 01-04-2018
Part Number: 9387462307
Details: अने फ्रांक की लिखी 'एक किशोरी की डायरी' विश्व की श्रेष्ठ कृतियों में गिनी जाती है। जर्मनी में जन्मी अने ने यह 'डायरी' 1942 से 1944 के दौरान लिखी। इसमें युद्ध के बाद जर्मन कब्जे के दौरान डच लोगों की पीड़ा का आँखों-देखा विवरण है। एक 15 वर्षीय किशोरी ने समाज की उथल-पुथल और अपने मन की कशमकश को बहुत ही ईमानदारी से व्यक्त किया है। जन्मदिन के उपहार स्वरूप मिली एक डायरी को जिस समय उन्होंने अपना सच्चा मित्र बनाया था, उस समय खुद उन्होंने भी कल्पना नहीं की होगी कि एक दिन यह डायरी विश्व की महानतम कृतियों में शुमार होगी। डायरी की प्रविष्टियों में जहाँ स्कूल की बातें हैं, तो सहेलियों की ईर्ष्या, मनपसन्द खिलौनों की चाह, छुट्टियों में बिताए समय के साथ देश में तेजी से बदलते हालात का भी वर्णन है। कैसे जर्मनी में रहनेवाले यहूदियों की जिन्दगी एक सनक-भर से जहन्नुम हो गई थी, लेकिन जीने की उत्कट इच्छा आखिरी समय तक भी हार मानने को तैयार नहीं हुई। अने का बाल-मन कहीं न कहीं मानता है कि एक दिन सब सही हो जाएगा और वो वापस अपने परिवार के साथ एक सामान्य जीवन जी पाएगी। एक किशोरी की यह मार्मिक डायरी सिर्फ उसी की न रहकर सीधे पाठक के दिल में घर कर जाती है।
EAN: 9789387462304
Package Dimensions: 8.7 x 5.7 x 0.8 inches
Languages: Hindi


















