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EK THI SHEENA BORA : SANSANIKHEJ KATLA KI PRAMANIK PADTAL

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EK THI SHEENA BORA : SANSANIKHEJ KATLA KI PRAMANIK PADTAL

Author: Sanjay Singh

Brand: RADHA KRISHNA PRAKASAN PVT LTD

Edition: First Edition

Binding: paperback

Number Of Pages: 384

Release Date: 14-06-2023

Details: एक थी शीना बोरा : सनसनीखेज़ क़त्ल की प्रामाणिक पड़ताल लालच, झूठ और महत्त्वाकांक्षा की भेंट चढ़े रिश्तों की कहानी है—शीना बोरा कांड। इस किताब में इस बेहद चर्चित हत्याकांड के अब तक हुए खुलासों को एक क्रम के साथ प्रस्तुत किया गया है ताकि पाठक शीना बोरा नाम की युवती की उसकी अपनी ही माँ द्वारा की गई सुनियोजित हत्या के केस के पीछे की पूरी कहानी को ठीक-ठीक समझ सके। बदलाव के एक तेज़ दौर से गुज़र रहे पारिवारिक सम्बन्धों का एक जटिल जाल भी इस घटना का बड़ा पहलू रहा है। उसका ख़ाका भी यह किताब, बिना जजमेंटल हुए, हमारे सामने रखती है। निजी ई-मेल्स और फ़ोन-वार्ताओं को भी लेखक ने बिना ज़्यादा काट-छाँट के यहाँ रखा है, जिनसे भावनाओं और तेज रफ़्तार महानगरीय जीवन की आर्थिक-सामाजिक पेचीदगियों की एक नाटकीय तस्वीर सामने आती है। यह मामला अभी भी कोर्ट के विचाराधीन है; इस पुस्तक का उद्देश्य पाठकों को सिर्फ़ उन तथ्यों से अवगत कराना है जो अभी तक सामने आए हैं और जिनका नि:सन्देह एक समाजशास्त्रीय महत्त्व भी है। यह किताब उसी पत्रकार की लेखनी से सम्भव हुई है जिसने इस कांड को हर स्तर पर कवर किया है।

EAN: 9788195948413

Package Dimensions: 7.7 x 5.1 x 1.1 inches

Languages: Hindi

$3.60
EK THI SHEENA BORA : SANSANIKHEJ KATLA KI PRAMANIK PADTAL
$3.60

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Description

Author: Sanjay Singh

Brand: RADHA KRISHNA PRAKASAN PVT LTD

Edition: First Edition

Binding: paperback

Number Of Pages: 384

Release Date: 14-06-2023

Details: एक थी शीना बोरा : सनसनीखेज़ क़त्ल की प्रामाणिक पड़ताल लालच, झूठ और महत्त्वाकांक्षा की भेंट चढ़े रिश्तों की कहानी है—शीना बोरा कांड। इस किताब में इस बेहद चर्चित हत्याकांड के अब तक हुए खुलासों को एक क्रम के साथ प्रस्तुत किया गया है ताकि पाठक शीना बोरा नाम की युवती की उसकी अपनी ही माँ द्वारा की गई सुनियोजित हत्या के केस के पीछे की पूरी कहानी को ठीक-ठीक समझ सके। बदलाव के एक तेज़ दौर से गुज़र रहे पारिवारिक सम्बन्धों का एक जटिल जाल भी इस घटना का बड़ा पहलू रहा है। उसका ख़ाका भी यह किताब, बिना जजमेंटल हुए, हमारे सामने रखती है। निजी ई-मेल्स और फ़ोन-वार्ताओं को भी लेखक ने बिना ज़्यादा काट-छाँट के यहाँ रखा है, जिनसे भावनाओं और तेज रफ़्तार महानगरीय जीवन की आर्थिक-सामाजिक पेचीदगियों की एक नाटकीय तस्वीर सामने आती है। यह मामला अभी भी कोर्ट के विचाराधीन है; इस पुस्तक का उद्देश्य पाठकों को सिर्फ़ उन तथ्यों से अवगत कराना है जो अभी तक सामने आए हैं और जिनका नि:सन्देह एक समाजशास्त्रीय महत्त्व भी है। यह किताब उसी पत्रकार की लेखनी से सम्भव हुई है जिसने इस कांड को हर स्तर पर कवर किया है।

EAN: 9788195948413

Package Dimensions: 7.7 x 5.1 x 1.1 inches

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