EmergencY main Kavita [Hardcover] Prem Prakash and Kumar Prashant
Author: Prem Prakash
Brand: Anuugya Books
Edition: Ist
Features:
- Criticism, Poetry
Binding: hardcover
Number Of Pages: 150
Release Date: 01-12-2022
Details: दिल्ली पहुँचने पर उनका भव्य स्वागत हुआ। उनकी आगवानी में पत्नी प्रभावती भी शामिल थीं। स्वागत की वह शुरुआत थी। पटना का बांकीपुर मैदान एक ऐतिहासिक घटना का साक्षी बना। आजकल उसका नाम गाँधी मैदान है। वहाँ राष्ट्रकवि दिनकर ने अपनी कविता का पाठ किया। वह जेपी पर थी। वैसे तो उसकी हर पंक्ति अमर है, लेकिन ये चार पंक्तियाँ तो वास्तव में जेपी की परिभाषा बन गयी–''वह सुनो भविष्य पुकार रहा, वह दलित देश का त्राता है, स्वप्नों का द्रष्टा जयप्रकाश भारत का भाग्य-विधाता है।ÓÓ जब कोई व्यक्तित्व कविता का पात्र हो जाता है, तब वह अपनी ख्याति की हर सीमा पार कर जाता है।... दूसरे किसी नेता के लिए वह ईष्र्या का क्षण था। कौन नहीं चाहेगा कि उस पर दिनकर जैसा बड़ा कवि लिखे। कवि वह नहीं होता जो हुक्म से कविता लिखता हो। कविता अंत:प्रेरणा का स्फुरण होती है। – रामबहादुर राय वरिष्ठ पत्रकार एवं जेपी आन्दोलन के अग्रणी योद्धा
EAN: 9789386810274
Package Dimensions: 9.8 x 6.3 x 0.8 inches
Languages: Hindi
Product Information
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Description
Author: Prem Prakash
Brand: Anuugya Books
Edition: Ist
Features:
- Criticism, Poetry
Binding: hardcover
Number Of Pages: 150
Release Date: 01-12-2022
Details: दिल्ली पहुँचने पर उनका भव्य स्वागत हुआ। उनकी आगवानी में पत्नी प्रभावती भी शामिल थीं। स्वागत की वह शुरुआत थी। पटना का बांकीपुर मैदान एक ऐतिहासिक घटना का साक्षी बना। आजकल उसका नाम गाँधी मैदान है। वहाँ राष्ट्रकवि दिनकर ने अपनी कविता का पाठ किया। वह जेपी पर थी। वैसे तो उसकी हर पंक्ति अमर है, लेकिन ये चार पंक्तियाँ तो वास्तव में जेपी की परिभाषा बन गयी–''वह सुनो भविष्य पुकार रहा, वह दलित देश का त्राता है, स्वप्नों का द्रष्टा जयप्रकाश भारत का भाग्य-विधाता है।ÓÓ जब कोई व्यक्तित्व कविता का पात्र हो जाता है, तब वह अपनी ख्याति की हर सीमा पार कर जाता है।... दूसरे किसी नेता के लिए वह ईष्र्या का क्षण था। कौन नहीं चाहेगा कि उस पर दिनकर जैसा बड़ा कवि लिखे। कवि वह नहीं होता जो हुक्म से कविता लिखता हो। कविता अंत:प्रेरणा का स्फुरण होती है। – रामबहादुर राय वरिष्ठ पत्रकार एवं जेपी आन्दोलन के अग्रणी योद्धा
EAN: 9789386810274
Package Dimensions: 9.8 x 6.3 x 0.8 inches
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