
Hamari Sanskritik Ekta : Dinkar Granthmala
Author: Ramdhari Singh Dinkar
Brand: Rajkamal Prakashan
Binding: paperback
Number Of Pages: 176
Release Date: 01-12-2019
Details: हिन्दू-संस्कृति की पाचन-शक्ति बड़ी ही प्रचंड मानी जाती है । इसका कारण शायद यह है कि जब आर्य इस संस्कृति का निर्माण करने लगे, तब उनके सामने अनेक जातियों को एक संस्कृति में पचाकर समन्वित करने का सवाल था जो उनके आगमन के पहले से ही इस देश में बस रही थी । अतएव उन्होंने आरम्भ से ही हिन्दू-संस्कृति का ऐसा लचीला रूप पसंद किया जो प्रत्येक नई संस्कृति से लिपटकर उसे अपनी बना सके ।.
EAN: 9789389243758
Package Dimensions: 7.8 x 5.1 x 0.5 inches
Languages: Hindi
Original: $2.08
-65%$2.08
$0.73Product Information
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Description
Author: Ramdhari Singh Dinkar
Brand: Rajkamal Prakashan
Binding: paperback
Number Of Pages: 176
Release Date: 01-12-2019
Details: हिन्दू-संस्कृति की पाचन-शक्ति बड़ी ही प्रचंड मानी जाती है । इसका कारण शायद यह है कि जब आर्य इस संस्कृति का निर्माण करने लगे, तब उनके सामने अनेक जातियों को एक संस्कृति में पचाकर समन्वित करने का सवाल था जो उनके आगमन के पहले से ही इस देश में बस रही थी । अतएव उन्होंने आरम्भ से ही हिन्दू-संस्कृति का ऐसा लचीला रूप पसंद किया जो प्रत्येक नई संस्कृति से लिपटकर उसे अपनी बना सके ।.
EAN: 9789389243758
Package Dimensions: 7.8 x 5.1 x 0.5 inches
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