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Hindi Ki Jatiya Sanskriti Aur Aupniveshikta

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Hindi Ki Jatiya Sanskriti Aur Aupniveshikta

Author: Rajkumar

Brand: Rajkamal Prakashan

Edition: First Edition

Binding: hardcover

Number Of Pages: 218

Release Date: 01-01-2018

Part Number: 8126730846

Details: हिन्दी की जातीय संस्कृति और औपनिवेशिकता एक ऐसा विषय है जिस पर लगातार कई दृष्टियों से विचार करने की ज़रूरत है क्योंकि ऐसे वैचारिक अनुसन्धान से ही हम उन कई प्रश्नों के उत्तर पा सकते हैं जो हमें बेचैन किये रहते हैं। हिन्दी में बार-बार व्याप रही विस्मृति, जातीय स्मृति की अनुपस्थिति आदि ऐसे कई पक्ष हैं जो आलोचना के ध्यान में बराबर रहने चाहिए। डॉ. राजकुमार की यह नयी पुस्तक ऐसे आलोचनात्मक उद्यम की ही उपज है और हम उसे सहर्ष प्रकाशित कर रहे हैं।

EAN: 9788126730841

Package Dimensions: 8.9 x 5.8 x 0.7 inches

Languages: Hindi

$2.26

Original: $6.47

-65%
Hindi Ki Jatiya Sanskriti Aur Aupniveshikta

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Author: Rajkumar

Brand: Rajkamal Prakashan

Edition: First Edition

Binding: hardcover

Number Of Pages: 218

Release Date: 01-01-2018

Part Number: 8126730846

Details: हिन्दी की जातीय संस्कृति और औपनिवेशिकता एक ऐसा विषय है जिस पर लगातार कई दृष्टियों से विचार करने की ज़रूरत है क्योंकि ऐसे वैचारिक अनुसन्धान से ही हम उन कई प्रश्नों के उत्तर पा सकते हैं जो हमें बेचैन किये रहते हैं। हिन्दी में बार-बार व्याप रही विस्मृति, जातीय स्मृति की अनुपस्थिति आदि ऐसे कई पक्ष हैं जो आलोचना के ध्यान में बराबर रहने चाहिए। डॉ. राजकुमार की यह नयी पुस्तक ऐसे आलोचनात्मक उद्यम की ही उपज है और हम उसे सहर्ष प्रकाशित कर रहे हैं।

EAN: 9788126730841

Package Dimensions: 8.9 x 5.8 x 0.7 inches

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