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Hindnama : Ek Mahadesh Ki Gatha

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Hindnama : Ek Mahadesh Ki Gatha

Author: Krishna Kalpit

Brand: Rajkamal Prakashan

Binding: paperback

Number Of Pages: 304

Release Date: 01-11-2019

Part Number: 938957708X

Details: हिन्दनामा एक महादेश की गाथा उसी तरह है जिस तरह प्रेमचन्द का गोदान भारतीय किसान जीवन की गाथा है। हिन्दनामा इतिहास है न काल्पनिक उपन्यास। यह एक धूल-भरा दर्पण है जिसमें हमारे देश की बहुत सी धूमिल और चमकदार छवियाँ दिखाई देती हैं। हिन्दनामा दरअसल हिन्दुस्तान के बारे में एक दीर्घ कविता है जिसमें कोई कालक्रम नहीं है। सब कुछ स्मृतियों की तरह गड्डमड्ड है, जहाँ प्राचीन और अर्वाचीन इस तरह मिलते हैं जैसे किसी नदी के घाट पर शेर और बकरी एक साथ अपनी प्यास बुझा रहे हों। इसकी कोई बिबलियोग्राफी नहीं है—यह कबीर के करघे पर बुनी हुई एक रंगीन चादर है, जो शताब्दियों से शताब्दियों तक तनी हुई है। उग्र राष्ट्रवाद के इस वैश्विक दौर में अपने राष्ट्र को जानने की कोशिश निश्चय ही जोखिम का काम है, और यह कहने की शायद कोई ज़रूरत नहीं कि हिन्दनामा हिन्दूनामा नहीं है। हिन्दुस्तान का इन्द्रधनुष जो सात रंगों से मिलकर बना है, उसकी ऐसी गाथा है जो कभी और कहीं भी खत्म नहीं होती—चलती ही जाती है। हिन्दी काव्य-जगत के लिए बरसों बाद हासिल एक उपलब्धि है हिन्दनामा। quote - भारत एक खोया हुआ देश है सबको अपना-अपना भारत खोजना पड़ता है मैं भी इस भू-भाग पर भटकता हुआ अपना भारत खोज रहा हूँ ! हिन्दनामा को दस्ताने हिन्द कह सकते हैं या इसे कुल्लियाते हिन्द भी कहा जा सकता है । हिन्दनामा फ़ारसी के महाकवि फ़िरदौसी के अमर महाकाव्य शाहनामा से प्रेरित है ।.

EAN: 9789389577082

Package Dimensions: 8.6 x 5.6 x 0.7 inches

Languages: Hindi

$2.91
Hindnama : Ek Mahadesh Ki Gatha
$2.91

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Description

Author: Krishna Kalpit

Brand: Rajkamal Prakashan

Binding: paperback

Number Of Pages: 304

Release Date: 01-11-2019

Part Number: 938957708X

Details: हिन्दनामा एक महादेश की गाथा उसी तरह है जिस तरह प्रेमचन्द का गोदान भारतीय किसान जीवन की गाथा है। हिन्दनामा इतिहास है न काल्पनिक उपन्यास। यह एक धूल-भरा दर्पण है जिसमें हमारे देश की बहुत सी धूमिल और चमकदार छवियाँ दिखाई देती हैं। हिन्दनामा दरअसल हिन्दुस्तान के बारे में एक दीर्घ कविता है जिसमें कोई कालक्रम नहीं है। सब कुछ स्मृतियों की तरह गड्डमड्ड है, जहाँ प्राचीन और अर्वाचीन इस तरह मिलते हैं जैसे किसी नदी के घाट पर शेर और बकरी एक साथ अपनी प्यास बुझा रहे हों। इसकी कोई बिबलियोग्राफी नहीं है—यह कबीर के करघे पर बुनी हुई एक रंगीन चादर है, जो शताब्दियों से शताब्दियों तक तनी हुई है। उग्र राष्ट्रवाद के इस वैश्विक दौर में अपने राष्ट्र को जानने की कोशिश निश्चय ही जोखिम का काम है, और यह कहने की शायद कोई ज़रूरत नहीं कि हिन्दनामा हिन्दूनामा नहीं है। हिन्दुस्तान का इन्द्रधनुष जो सात रंगों से मिलकर बना है, उसकी ऐसी गाथा है जो कभी और कहीं भी खत्म नहीं होती—चलती ही जाती है। हिन्दी काव्य-जगत के लिए बरसों बाद हासिल एक उपलब्धि है हिन्दनामा। quote - भारत एक खोया हुआ देश है सबको अपना-अपना भारत खोजना पड़ता है मैं भी इस भू-भाग पर भटकता हुआ अपना भारत खोज रहा हूँ ! हिन्दनामा को दस्ताने हिन्द कह सकते हैं या इसे कुल्लियाते हिन्द भी कहा जा सकता है । हिन्दनामा फ़ारसी के महाकवि फ़िरदौसी के अमर महाकाव्य शाहनामा से प्रेरित है ।.

EAN: 9789389577082

Package Dimensions: 8.6 x 5.6 x 0.7 inches

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