Katam?Arunachal Pradesh ki Janjatiyon ki Lok Kathain by Tumbom Riba Lilly [Hardcover] Thumbom Riba Lilly [Hardcover] Thumbom Riba Lilly
Katam?Arunachal Pradesh ki Janjatiyon ki Lok Kathain by Tumbom Riba Lilly [Hardcover] Thumbom Riba Lilly [Hardcover] Thumbom Riba Lilly
Author: Thumbom Riba Lilly
Brand: Anuugy Books
Edition: First Edition
Features:
-
तानी और तारो (गालो लोà¤à¤à¤¥à¤¾) दà¥à¤—ोठगोठदà¥à¤—ोठगोठ(गालो लोà¤à¤à¤¥à¤¾) à¤à¤¬à¥‹ तानी à¤à¤¾ विवाह (गालो लोà¤à¤à¤¥à¤¾) दोनॠयी à¤à¥ à¤à¥ सी (तागी नॠयिà¤à¥€ लोà¤à¤à¤¥à¤¾) निदॠठऔर निगॠंठ(गालो लोà¤à¤à¤¥à¤¾) -
लिंगो तापो (गालो लोà¤à¤à¤¥à¤¾) तà¥à¤°à¥€ à¤à¤¨à¥ (गालो लोà¤à¤à¤¥à¤¾) दà¥à¤¬à¥‹ à¤à¥‹à¤à¥ बो (गालो लोà¤à¤à¤¥à¤¾) à¤à¥‹à¤à¥‹ रॠà¤à¤¼à¥‹ (गालो लोà¤à¤à¤¥à¤¾) -
तितॠतिà¤à¤¿à¤°à¥€ (à¤à¤¦à¥€ लोà¤à¤à¤¥à¤¾) परॠवतों à¤à¤¾ निरॠà¤à¤¾à¤£ (à¤à¤¦à¥€ लोà¤à¤à¤¥à¤¾) -
रिली दॠà¤à¥ ची (गालो लोà¤à¤à¤¥à¤¾) बोगॠठहोतॠतॠठऔर दोठà¤à¤¿à¤°à¤¾ (गालो लोà¤à¤à¤¥à¤¾) लूरॠठबरॠज (नॠयिà¤à¥€ लोà¤à¤à¤¥à¤¾) जोà¤à¥ बी (तवांग à¤à¥€ लोà¤à¤à¤¥à¤¾) -
à¤à¥‹à¤ªà¥€à¤¨ (गालो लोà¤à¤à¤¥à¤¾)1 दियी ताà¤à¥€ और रोसी ताà¤à¥€ (गालो लोà¤à¤à¤¥à¤¾) ताई बीदा और à¤à¤¿à¤¥à¥ न (नॠयिà¤à¥€ लोà¤à¤à¤¥à¤¾) तापो और याà¤à¤¿ (गालो लोà¤à¤à¤¥à¤¾) नॠयिà¤à¤¾à¤ पिरॠबो (गालो लोà¤à¤à¤¥à¤¾). Language Published: Hindi
Binding: hardcover
Number Of Pages: 120
Release Date: 01-12-2020
Details: हमारे अरुणाचल प्रदेश की पहाड़ी स्त्रियों के कोमल हाथ दिन-भर खेतों में कठिन श्रम करते तो फिर सुबह-शाम घर में रसोई में बर्तनों में गूँज पैदा करते हैं तो कभी बुखार से तपती माथाओं पर शीतल कोमल मरहम में तब्दील हो जाते हैं। इन स्त्रियों के हथेलियों पर कोई मेहँदी नहीं सजती बल्कि छाले और घुट्टे शोभा देते हैं।आज भी स्थिति नहीं सुधरी है, पितृसत्तात्मक समाज़ में इन्हें अपने ही घर में अपने भाइयों से कमतर समझा जाता है। परिवार में पिता या पति की मौत हो जाने पर सारी पैतृक सम्पत्ति का उत्तराधिकारी भाइयों या बेटों को बना दिया जाता है। जबकि क़ानून की किताबों में उनके लिए प्रॉपर्टी राईट या सम्पत्ति अधिकार की व्यवस्था है। पर आज तक मैंने यहाँ की स्त्रियों को, बहनों को अपने भाइयों; बेटियों को अपने पिता और परिवारवालों से सम्पत्ति के लिए लड़ते हुए कभी नहीं देखा। ऐसा समाज जहाँ आज भी बहुपत्नीवाद का बोलबाला है वहाँ विवाह के बाद इनमें से कइयों को अपने पति के प्यार के लिए काफी संघर्ष करना पड़ता है। यही नहीं, नारी के जिम्मे तमाम कर्तव्यों की बात होती है, पर जब उनके अधिकार की बात आती है तो लोगों में चुप्पी छा जाती है पर इससे क्या? नारी ने तो बस देना और देना ही सीखा है, कभी अपने लिए लेना नहीं। इनकी इन महान क़ुर्बानियों को कोई देखे न देखे पर हम नारी ज़रूर देख और समझ सकती हैं। नारी सशक्तीकरण का अर्थ यह नहीं है कि नारी को केवल शारीरिक तौर पर ही सशक्त बनाना, बल्कि उसका एक तरीका यह भी है कि नारी के प्रति लोगों के दॄष्टिकोण में एक सकारात्मक और खूबसूरत बदलाव लाना। जी हाँ!
Package Dimensions: 8.7 x 6.3 x 0.8 inches
Languages: Hindi
Product Information
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Shipping & Returns
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Description
Author: Thumbom Riba Lilly
Brand: Anuugy Books
Edition: First Edition
Features:
-
तानी और तारो (गालो लोà¤à¤à¤¥à¤¾) दà¥à¤—ोठगोठदà¥à¤—ोठगोठ(गालो लोà¤à¤à¤¥à¤¾) à¤à¤¬à¥‹ तानी à¤à¤¾ विवाह (गालो लोà¤à¤à¤¥à¤¾) दोनॠयी à¤à¥ à¤à¥ सी (तागी नॠयिà¤à¥€ लोà¤à¤à¤¥à¤¾) निदॠठऔर निगॠंठ(गालो लोà¤à¤à¤¥à¤¾) -
लिंगो तापो (गालो लोà¤à¤à¤¥à¤¾) तà¥à¤°à¥€ à¤à¤¨à¥ (गालो लोà¤à¤à¤¥à¤¾) दà¥à¤¬à¥‹ à¤à¥‹à¤à¥ बो (गालो लोà¤à¤à¤¥à¤¾) à¤à¥‹à¤à¥‹ रॠà¤à¤¼à¥‹ (गालो लोà¤à¤à¤¥à¤¾) -
तितॠतिà¤à¤¿à¤°à¥€ (à¤à¤¦à¥€ लोà¤à¤à¤¥à¤¾) परॠवतों à¤à¤¾ निरॠà¤à¤¾à¤£ (à¤à¤¦à¥€ लोà¤à¤à¤¥à¤¾) -
रिली दॠà¤à¥ ची (गालो लोà¤à¤à¤¥à¤¾) बोगॠठहोतॠतॠठऔर दोठà¤à¤¿à¤°à¤¾ (गालो लोà¤à¤à¤¥à¤¾) लूरॠठबरॠज (नॠयिà¤à¥€ लोà¤à¤à¤¥à¤¾) जोà¤à¥ बी (तवांग à¤à¥€ लोà¤à¤à¤¥à¤¾) -
à¤à¥‹à¤ªà¥€à¤¨ (गालो लोà¤à¤à¤¥à¤¾)1 दियी ताà¤à¥€ और रोसी ताà¤à¥€ (गालो लोà¤à¤à¤¥à¤¾) ताई बीदा और à¤à¤¿à¤¥à¥ न (नॠयिà¤à¥€ लोà¤à¤à¤¥à¤¾) तापो और याà¤à¤¿ (गालो लोà¤à¤à¤¥à¤¾) नॠयिà¤à¤¾à¤ पिरॠबो (गालो लोà¤à¤à¤¥à¤¾). Language Published: Hindi
Binding: hardcover
Number Of Pages: 120
Release Date: 01-12-2020
Details: हमारे अरुणाचल प्रदेश की पहाड़ी स्त्रियों के कोमल हाथ दिन-भर खेतों में कठिन श्रम करते तो फिर सुबह-शाम घर में रसोई में बर्तनों में गूँज पैदा करते हैं तो कभी बुखार से तपती माथाओं पर शीतल कोमल मरहम में तब्दील हो जाते हैं। इन स्त्रियों के हथेलियों पर कोई मेहँदी नहीं सजती बल्कि छाले और घुट्टे शोभा देते हैं।आज भी स्थिति नहीं सुधरी है, पितृसत्तात्मक समाज़ में इन्हें अपने ही घर में अपने भाइयों से कमतर समझा जाता है। परिवार में पिता या पति की मौत हो जाने पर सारी पैतृक सम्पत्ति का उत्तराधिकारी भाइयों या बेटों को बना दिया जाता है। जबकि क़ानून की किताबों में उनके लिए प्रॉपर्टी राईट या सम्पत्ति अधिकार की व्यवस्था है। पर आज तक मैंने यहाँ की स्त्रियों को, बहनों को अपने भाइयों; बेटियों को अपने पिता और परिवारवालों से सम्पत्ति के लिए लड़ते हुए कभी नहीं देखा। ऐसा समाज जहाँ आज भी बहुपत्नीवाद का बोलबाला है वहाँ विवाह के बाद इनमें से कइयों को अपने पति के प्यार के लिए काफी संघर्ष करना पड़ता है। यही नहीं, नारी के जिम्मे तमाम कर्तव्यों की बात होती है, पर जब उनके अधिकार की बात आती है तो लोगों में चुप्पी छा जाती है पर इससे क्या? नारी ने तो बस देना और देना ही सीखा है, कभी अपने लिए लेना नहीं। इनकी इन महान क़ुर्बानियों को कोई देखे न देखे पर हम नारी ज़रूर देख और समझ सकती हैं। नारी सशक्तीकरण का अर्थ यह नहीं है कि नारी को केवल शारीरिक तौर पर ही सशक्त बनाना, बल्कि उसका एक तरीका यह भी है कि नारी के प्रति लोगों के दॄष्टिकोण में एक सकारात्मक और खूबसूरत बदलाव लाना। जी हाँ!
Package Dimensions: 8.7 x 6.3 x 0.8 inches
Languages: Hindi


















