
Khaajana Evam Anya Kahaniyan By Pragya Mishra
Author: Pragya Mishra
Brand: UNBOUND SCRIPT
Features:
- जॉण्टी पहले चंदन की साइकल पंक्चर करता है फिर उसका सबसे प्यारा दोस्त बन जाता है मगर कैसे ?
- गुनिया बाबा ने कौन सा खज़ाना बताया कि ईना मीना डीका की जिंदगी बदल गई?
- मैकू ने विश्वकर्मा की मदद की तो बदले में क्या मिला ?
- नदी में डूबते वरुण को किसने बचाया ?
- और नैतिक ने हारकर भी सब कुछ जीत कैसे लिया ?
Binding: paperback
Number Of Pages: 64
Release Date: 01-01-2024
Details: Khaajana Evam Anya Kahaniyan - प्रज्ञा मिश्रा बालकथा लेखन में अब एक प्रतिष्ठित नाम है। उनका पहला कहानी संग्रह-फुहार-लोक भारती प्रकाशन से प्रकाशित होकर चर्चित हो चुका है। उनकी दूसरी किताब, बोलते-बुलबुले पाँच भागों में बाल कहानियों का महत्त्वाकांक्षी प्रोज़ेक्ट है। इस सीरीज़ की चार किताबे - टैडी, ऊँट का बूट, नानी की बातें, आबरा का डाबरा एवं अन्य कहानियाँ है। ख़जाना एवं अन्य कहानियाँ बोलते बुलबुले सीरीज़ की पाँचवीं किताब है। प्रज्ञा मिश्रा यों तो वह वाणिज्य की छात्रा रही हैं लेकिन उनकी रुचि अध्यात्म में ज्यादा है। उनके जीवन पर परम् पूज्य श्री माताजी निर्मला देवी द्वारा प्रतिपादित सहज योग ध्यान का गहरा प्रभाव रहा है। सन् 2017 में BRICS-IF और श्री योगी महाजन से जुड़ने के बाद उन्होंने जन सरोकारों पर सोचना शुरू किया।
EAN: 9788119745012
Package Dimensions: 9.1 x 5.9 x 0.2 inches
Languages: Hindi
Original: $1.56
-65%$1.56
$0.55Product Information
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Description
Author: Pragya Mishra
Brand: UNBOUND SCRIPT
Features:
- जॉण्टी पहले चंदन की साइकल पंक्चर करता है फिर उसका सबसे प्यारा दोस्त बन जाता है मगर कैसे ?
- गुनिया बाबा ने कौन सा खज़ाना बताया कि ईना मीना डीका की जिंदगी बदल गई?
- मैकू ने विश्वकर्मा की मदद की तो बदले में क्या मिला ?
- नदी में डूबते वरुण को किसने बचाया ?
- और नैतिक ने हारकर भी सब कुछ जीत कैसे लिया ?
Binding: paperback
Number Of Pages: 64
Release Date: 01-01-2024
Details: Khaajana Evam Anya Kahaniyan - प्रज्ञा मिश्रा बालकथा लेखन में अब एक प्रतिष्ठित नाम है। उनका पहला कहानी संग्रह-फुहार-लोक भारती प्रकाशन से प्रकाशित होकर चर्चित हो चुका है। उनकी दूसरी किताब, बोलते-बुलबुले पाँच भागों में बाल कहानियों का महत्त्वाकांक्षी प्रोज़ेक्ट है। इस सीरीज़ की चार किताबे - टैडी, ऊँट का बूट, नानी की बातें, आबरा का डाबरा एवं अन्य कहानियाँ है। ख़जाना एवं अन्य कहानियाँ बोलते बुलबुले सीरीज़ की पाँचवीं किताब है। प्रज्ञा मिश्रा यों तो वह वाणिज्य की छात्रा रही हैं लेकिन उनकी रुचि अध्यात्म में ज्यादा है। उनके जीवन पर परम् पूज्य श्री माताजी निर्मला देवी द्वारा प्रतिपादित सहज योग ध्यान का गहरा प्रभाव रहा है। सन् 2017 में BRICS-IF और श्री योगी महाजन से जुड़ने के बाद उन्होंने जन सरोकारों पर सोचना शुरू किया।
EAN: 9788119745012
Package Dimensions: 9.1 x 5.9 x 0.2 inches
Languages: Hindi























