
Khul ja Sim Sim (Collection of Short Stories) खुल जा सिम सिम (कहानी संग्रह)
Author: Ranjana Jaiswal -- रंजना जायसवाल
Brand: Anuugya Books
Edition: Ist
Binding: paperback
Number Of Pages: 196
Release Date: 01-12-2022
Details: ... उसके भीतर एक गहरा नैतिक बोध था वह प्रेम में होते हुए भी किसी स्त्री का हक़ नहीं छीनना चाहती थी। दूसरी औरत भी नहीं बनना चाहती थी। वह उलझ गयी थी। उसे कुछ समझ में नहीं आ रहा था। उसके दिल और दिमाग में प्रेम को लेकर गहरा संघर्ष चल रहा था। कभी-कभी उसे लगता कि वह तो अकेली और टूटी हुई थी, प्रेम के घर प्यार व अपनत्व पाकर उससे जुड़ गयी थी। प्रेम को क्या ज़रूरत थी उसके दिल में प्यार जगाने की! वे एक मित्र भी तो बने रह सकते थे। क्या स्त्री-पुरुष सिर्फ मित्र नहीं हो सकते? क्या ज़रूरी है दो मित्रों के बीच स्त्री-पुरुष सम्बन्ध ही हो। एक दिन उसने सोचा कि प्रेम की पत्नी से सारी बात बता दे। प्रेम के अनुसार वे सब जानती ही हैं। उसका मन भी अपराध-बोध से मुक्त हो जाएगा कि वह उनके पति के प्रेम में है। उसने उन्हें अपने और प्रेम के बारे में सब कुछ बता दिया। वे बस हाँ..हूँ करती रहीं। दूसरे दिन वह उसके घर गयी तो उसकी पत्नी अपने पड़ोस में चली गईं और प्रेम उसे ज़बरन अपने कमरे में ले गया और उसके साथ जबर्दस्ती करने लगा। उसने लाख छुड़ाने की कोशिश की, पर वह नहीं माना। उसने सारी सीमाएँ तोड़ दी। वह सदमें में थी। अपनी हसरत पूरी करने के बाद उसने कहा– अब इस बात को पत्नी से न बता देना। वैसे हमें मौका देने के लिए ही वे पड़ोस में गयी हैं फिर भी उनके आने से पहले ही चली जाओ। ...इसी पुस्तक से...
EAN: 9789391034931
Package Dimensions: 9.1 x 5.9 x 0.8 inches
Languages: Hindi, English
Product Information
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Shipping & Returns
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Description
Author: Ranjana Jaiswal -- रंजना जायसवाल
Brand: Anuugya Books
Edition: Ist
Binding: paperback
Number Of Pages: 196
Release Date: 01-12-2022
Details: ... उसके भीतर एक गहरा नैतिक बोध था वह प्रेम में होते हुए भी किसी स्त्री का हक़ नहीं छीनना चाहती थी। दूसरी औरत भी नहीं बनना चाहती थी। वह उलझ गयी थी। उसे कुछ समझ में नहीं आ रहा था। उसके दिल और दिमाग में प्रेम को लेकर गहरा संघर्ष चल रहा था। कभी-कभी उसे लगता कि वह तो अकेली और टूटी हुई थी, प्रेम के घर प्यार व अपनत्व पाकर उससे जुड़ गयी थी। प्रेम को क्या ज़रूरत थी उसके दिल में प्यार जगाने की! वे एक मित्र भी तो बने रह सकते थे। क्या स्त्री-पुरुष सिर्फ मित्र नहीं हो सकते? क्या ज़रूरी है दो मित्रों के बीच स्त्री-पुरुष सम्बन्ध ही हो। एक दिन उसने सोचा कि प्रेम की पत्नी से सारी बात बता दे। प्रेम के अनुसार वे सब जानती ही हैं। उसका मन भी अपराध-बोध से मुक्त हो जाएगा कि वह उनके पति के प्रेम में है। उसने उन्हें अपने और प्रेम के बारे में सब कुछ बता दिया। वे बस हाँ..हूँ करती रहीं। दूसरे दिन वह उसके घर गयी तो उसकी पत्नी अपने पड़ोस में चली गईं और प्रेम उसे ज़बरन अपने कमरे में ले गया और उसके साथ जबर्दस्ती करने लगा। उसने लाख छुड़ाने की कोशिश की, पर वह नहीं माना। उसने सारी सीमाएँ तोड़ दी। वह सदमें में थी। अपनी हसरत पूरी करने के बाद उसने कहा– अब इस बात को पत्नी से न बता देना। वैसे हमें मौका देने के लिए ही वे पड़ोस में गयी हैं फिर भी उनके आने से पहले ही चली जाओ। ...इसी पुस्तक से...
EAN: 9789391034931
Package Dimensions: 9.1 x 5.9 x 0.8 inches
Languages: Hindi, English


















