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MRITYU: VISHWA SAHITYA KEE EK YATRA [Paperback] Vijay Sharma [Paperback] Vijay Sharma

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MRITYU: VISHWA SAHITYA KEE EK YATRA [Paperback] Vijay Sharma [Paperback] Vijay Sharma

Author: Vijay Sharma

Brand: Anuugya Books

Edition: Ist

Binding: paperback

Number Of Pages: 192

Release Date: 01-12-2021

Details: मैं मौत हूँ, जैसाकि तुम साफ़ तौर पर देख सकते हो, लेकिन तुम्हें डरने की जरूरत नहीं है। मैं मात्र तस्वीर हूँ। जो भी हो, मैं तुम्हारी आँखों में दहशत पढ़ती हूँ। जबकि तुम्हें बहुत अच्छी तरह से मालूम है मैं असली नहीं हूँ – जैसे बच्चे खुद को खेल में खो देते हैं – तुम अभी भी दहशत से जकड़े हुए हो, मानो तुम असल में खुद मौत से मिले हो। यह मुझे खुशी देता है। जब अपरिहार्य पल तुम्हारे सामने आता है, तुम मुझे देखते हो, तुम्हें लगता है कि डर से तुम्हारी पोंक निकल गई है। यह मजाक नहीं है। जब मौत का सामना होता है, लोगों का अपनी जिस्मानी हरकत पर से अख्तियार खतम हो जाता है – खासकर ज्यादातर उन लोगों का जो बहादुर माने जाते हैं। इसी कारण, हजारों बार जिसकी तुम तस्वीर बनाते हो, लाशों से पटे जंग के मैदान खून, बारूद और गर्म हथियारों से नहीं मल तथा सड़े हुए माँस से बदबू मारते हैं। मुझे मालूम है तुमने पहली बार मृत्यु का चित्रण देखा है।...“यह मैं हूँ, एज़रियल, मृत्युदूत,” उसने कहा। ‘‘मैं इस दुनिया में आदमी की यात्रा का अंत करता हूँ। मैं हूँ जो बच्चों को उनकी माताओं से, पत्नियों को उनके पतियों से, प्रेमियों को एक-दूसरे से और पिताओं को उनकी बेटियों से अलग करता हूँ। इस दुनिया में कोई भी नश्वर मुझसे मिलने से बच नहीं सकता है।” – ‘माई नेम इज रेड’

Package Dimensions: 10.2 x 6.3 x 0.8 inches

Languages: Nahuatl

$0.62

Original: $1.77

-65%
MRITYU: VISHWA SAHITYA KEE EK YATRA [Paperback] Vijay Sharma [Paperback] Vijay Sharma

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Description

Author: Vijay Sharma

Brand: Anuugya Books

Edition: Ist

Binding: paperback

Number Of Pages: 192

Release Date: 01-12-2021

Details: मैं मौत हूँ, जैसाकि तुम साफ़ तौर पर देख सकते हो, लेकिन तुम्हें डरने की जरूरत नहीं है। मैं मात्र तस्वीर हूँ। जो भी हो, मैं तुम्हारी आँखों में दहशत पढ़ती हूँ। जबकि तुम्हें बहुत अच्छी तरह से मालूम है मैं असली नहीं हूँ – जैसे बच्चे खुद को खेल में खो देते हैं – तुम अभी भी दहशत से जकड़े हुए हो, मानो तुम असल में खुद मौत से मिले हो। यह मुझे खुशी देता है। जब अपरिहार्य पल तुम्हारे सामने आता है, तुम मुझे देखते हो, तुम्हें लगता है कि डर से तुम्हारी पोंक निकल गई है। यह मजाक नहीं है। जब मौत का सामना होता है, लोगों का अपनी जिस्मानी हरकत पर से अख्तियार खतम हो जाता है – खासकर ज्यादातर उन लोगों का जो बहादुर माने जाते हैं। इसी कारण, हजारों बार जिसकी तुम तस्वीर बनाते हो, लाशों से पटे जंग के मैदान खून, बारूद और गर्म हथियारों से नहीं मल तथा सड़े हुए माँस से बदबू मारते हैं। मुझे मालूम है तुमने पहली बार मृत्यु का चित्रण देखा है।...“यह मैं हूँ, एज़रियल, मृत्युदूत,” उसने कहा। ‘‘मैं इस दुनिया में आदमी की यात्रा का अंत करता हूँ। मैं हूँ जो बच्चों को उनकी माताओं से, पत्नियों को उनके पतियों से, प्रेमियों को एक-दूसरे से और पिताओं को उनकी बेटियों से अलग करता हूँ। इस दुनिया में कोई भी नश्वर मुझसे मिलने से बच नहीं सकता है।” – ‘माई नेम इज रेड’

Package Dimensions: 10.2 x 6.3 x 0.8 inches

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