
Naani Ki Baatein Evam Anya Kahaniyan By Pragya Mishra
Author: Pragya Mishra
Brand: UNBOUND SCRIPT
Features:
- पशु-पक्षी, परिवेश और परंपरा-बोध की पठनीय बाल कहानियाँ
- डुग्गू बिल्ली से जो लगाव गोपू का है, वही डुग्गू और उसके प्यारे बच्चों का गोपू से। कुत्ते हमेशा बिल्लियों को खदेड़ते हैं। लेकिन क्यों? बंकू और चीकू दो भाई हैं।
- और उनके पास एक सुनहरी मुर्गी है। मुर्गी सुनहरे अंडे देती है। परिवार बहुत ख़ुश है।
- पर चीकू क्यों नहीं? चुन्नू चूहे ने अपनी शैतानियों से चिड़ियां के बच्चो को संकट में डाल दिया।
Binding: paperback
Number Of Pages: 64
Release Date: 01-01-2024
Details: प्रज्ञा मिश्रा बालकथा लेखन में अब एक प्रतिष्ठित नाम है। उनका पहला कहानी संग्रह-फुहार-लोक भारती प्रकाशन से प्रकाशित होकर चर्चित हो चुका है। उनकी दूसरी किताब, बोलते-बुलबुले पाँच भागों में बाल कहानियों का महत्त्वाकांक्षी प्रोज़ेक्ट है। इसकी दो किताबें, टैडी एवं अन्य कहानियाँ और ऊँट का बूट एवं अन्य कहानियाँ पिछले दिनों प्रकाशित हुई हैं। नानी की बातें बोलते बुलबुले सीरीज़ की तीसरी किताब है। प्रज्ञा मिश्रा यों तो वह वाणिज्य की छात्रा रही हैं लेकिन उनकी रुचि अध्यात्म में ज्यादा है। उनके जीवन पर परम् पूज्य श्री माताजी निर्मला देवी द्वारा प्रतिपादित सहज योग ध्यान का गहरा प्रभाव रहा है। सन् 2017 में BRICS-IF और श्री योगी महाजन से जुड़ने के बाद उन्होंने जन सरोकारों पर सोचना शुरू किया।
EAN: 9788119745227
Package Dimensions: 9.1 x 5.9 x 0.2 inches
Languages: Hindi
Product Information
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Shipping & Returns
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Description
Author: Pragya Mishra
Brand: UNBOUND SCRIPT
Features:
- पशु-पक्षी, परिवेश और परंपरा-बोध की पठनीय बाल कहानियाँ
- डुग्गू बिल्ली से जो लगाव गोपू का है, वही डुग्गू और उसके प्यारे बच्चों का गोपू से। कुत्ते हमेशा बिल्लियों को खदेड़ते हैं। लेकिन क्यों? बंकू और चीकू दो भाई हैं।
- और उनके पास एक सुनहरी मुर्गी है। मुर्गी सुनहरे अंडे देती है। परिवार बहुत ख़ुश है।
- पर चीकू क्यों नहीं? चुन्नू चूहे ने अपनी शैतानियों से चिड़ियां के बच्चो को संकट में डाल दिया।
Binding: paperback
Number Of Pages: 64
Release Date: 01-01-2024
Details: प्रज्ञा मिश्रा बालकथा लेखन में अब एक प्रतिष्ठित नाम है। उनका पहला कहानी संग्रह-फुहार-लोक भारती प्रकाशन से प्रकाशित होकर चर्चित हो चुका है। उनकी दूसरी किताब, बोलते-बुलबुले पाँच भागों में बाल कहानियों का महत्त्वाकांक्षी प्रोज़ेक्ट है। इसकी दो किताबें, टैडी एवं अन्य कहानियाँ और ऊँट का बूट एवं अन्य कहानियाँ पिछले दिनों प्रकाशित हुई हैं। नानी की बातें बोलते बुलबुले सीरीज़ की तीसरी किताब है। प्रज्ञा मिश्रा यों तो वह वाणिज्य की छात्रा रही हैं लेकिन उनकी रुचि अध्यात्म में ज्यादा है। उनके जीवन पर परम् पूज्य श्री माताजी निर्मला देवी द्वारा प्रतिपादित सहज योग ध्यान का गहरा प्रभाव रहा है। सन् 2017 में BRICS-IF और श्री योगी महाजन से जुड़ने के बाद उन्होंने जन सरोकारों पर सोचना शुरू किया।
EAN: 9788119745227
Package Dimensions: 9.1 x 5.9 x 0.2 inches
Languages: Hindi

















