
Nirala ka Sahitya
Author: Dr Laxmi Pandey
Brand: Anuugya
Edition: Ist
Features:
- critical analysis of Litrature of Nirala
Binding: paperback
Number Of Pages: 312
Release Date: 01-12-2017
Part Number: 8193330684
Details: अपनी उग्र स्वच्छन्दता और फक्कड़पन में निराला कबीर से तुलनीय हैं। वैसे ही मस्तमौला, वैसी ही ललकार, वैसा ही फक्कड़पन वैसा ही क्रान्तिकारी स्वर और वैसी ही प्रगाढ़ तन्मयता। दोनों की ओज भरी वाणी रूढिय़ों और बन्धनों के विरोध में बेलगाम प्रहार करती रही। दोनों की करुणा दीनों के लिए फूट-फूट बहती रही। दोनों में लोगों को प्रसन्न करने की प्रवृत्ति नहीं थी। स्वाभिमान भी दोनों में ऊँची श्रेणी का था। अन्तर केवल इतना था कि एक सन्त पहले कवि बाद में था और दूसरा कवि पहले सन्त बाद में था। किन्तु निराला ने भी लुकाठा ले अपना घर जलाकर ही साहित्य रचा था। इसके पीछे उस भारती के पुत्र ने अपना सब कुछ लुटा दिया, अपने-आप लुट गया था, 'परन्तु मरते दम तक उस स्वाभिमानी, निर्भीक कवि ने हार नहीं मानी थी और साहित्यकार के सम्मान को सबसे ऊँचा रखा। उसने भीख दी पर ली नहीं। –आचार्य भगीरथ मिश्र
EAN: 9788193330685
Package Dimensions: 9.0 x 6.0 x 0.7 inches
Languages: Hindi
Product Information
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Description
Author: Dr Laxmi Pandey
Brand: Anuugya
Edition: Ist
Features:
- critical analysis of Litrature of Nirala
Binding: paperback
Number Of Pages: 312
Release Date: 01-12-2017
Part Number: 8193330684
Details: अपनी उग्र स्वच्छन्दता और फक्कड़पन में निराला कबीर से तुलनीय हैं। वैसे ही मस्तमौला, वैसी ही ललकार, वैसा ही फक्कड़पन वैसा ही क्रान्तिकारी स्वर और वैसी ही प्रगाढ़ तन्मयता। दोनों की ओज भरी वाणी रूढिय़ों और बन्धनों के विरोध में बेलगाम प्रहार करती रही। दोनों की करुणा दीनों के लिए फूट-फूट बहती रही। दोनों में लोगों को प्रसन्न करने की प्रवृत्ति नहीं थी। स्वाभिमान भी दोनों में ऊँची श्रेणी का था। अन्तर केवल इतना था कि एक सन्त पहले कवि बाद में था और दूसरा कवि पहले सन्त बाद में था। किन्तु निराला ने भी लुकाठा ले अपना घर जलाकर ही साहित्य रचा था। इसके पीछे उस भारती के पुत्र ने अपना सब कुछ लुटा दिया, अपने-आप लुट गया था, 'परन्तु मरते दम तक उस स्वाभिमानी, निर्भीक कवि ने हार नहीं मानी थी और साहित्यकार के सम्मान को सबसे ऊँचा रखा। उसने भीख दी पर ली नहीं। –आचार्य भगीरथ मिश्र
EAN: 9788193330685
Package Dimensions: 9.0 x 6.0 x 0.7 inches
Languages: Hindi

















