
SAMSAMEYIK SHODH NIBANDH AUR SAMIKSHA | समसामयिक शोध निबंध और समीक्षा by छाया चौकसे
Author: CHAYA CHOKSE
Brand: Anuugya
Edition: First Edition
Features:
- Ist post of Hindi, Sanskrit aur Samaj ke Sadhak, Manav Dharam, Muktibodh ke sahitya
- Khariboli, Mahaveer Prasad Dwevedi, Govind Mishra, Aadiwasi Vimarsh, Sahitya ke vividh Aayam
- Hindi Vyangya, Aadhunik Hindi, Katha Sahitya, Gharalu Hinsa, Kaamkaji Mahilayen
- Media aur Naari, Muslim Bhakti Kavi, Sanskritik Samanvya, Bundeli Bhasha, Banna Geet, Muktibodh ki maa
- Rameshdutt Dube, Kanti Kumar Jain, Vidhya Sagar Nautiyal, Shrilal Shukla
Binding: hardcover
Number Of Pages: 216
Release Date: 01-12-2016
Details: सम-सामयिक विषयों पर लेखें जैसे----21वीं सदी की हिन्दी भाषा के वृहद आयाम, हिन्दी का पहला कवि अमीर खुसरो, संस्कृति और समाज के महान साधक-तुलसीदीस, मानव धर्म के विश्लेषक-कबीर, मुक्तिबोध के साहित्य और मूल्य और मूल्य सम्बंधी विचार, बीसवीं सदी की खड़ी बोली को महावीर प्रसाद द्विवेदी की देन, राष्टीय चेतना के कवि श्री मैथिलीशरण गुप्त, वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में साहित्य का सामाजिक सरोकार, गोविन्द मिश्र, अादिवासी विमर्श, मीडिया, मुक्तिबोध, साहित्य के विविध आयाम, हिन्दी व्यंग्य, हिन्दी लेखिकाओं की अनुभूति व अभिव्यक्ति, घरेलू हिंसा, महिलाएँ, मीडिया और नारी, मुस्लिम भक्त कवि, बुन्देली भाषा, बुंदेली परम्परा और संस्कृति, मुक्तिबोध की मां, रमेश दत्त दूबे, कान्तिकुमार जैन, व्यंग्य, साहित्य में व्यक्त संसद और खामियाँ, भारतीय परिवेश, कृष्णायन महाकाव्य, विद्यासागर नौटियाल, श्री लाल शुक्ल, आत्मचिन्तन की भावमुक्तावली , सांसारिक सत्य का साक्षात्काल, आत्मसंघर्ष की कविताएँ
EAN: 9789383962396
Package Dimensions: 8.7 x 5.8 x 0.9 inches
Languages: Hindi, English
Original: $3.14
-65%$3.14
$1.10Product Information
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Description
Author: CHAYA CHOKSE
Brand: Anuugya
Edition: First Edition
Features:
- Ist post of Hindi, Sanskrit aur Samaj ke Sadhak, Manav Dharam, Muktibodh ke sahitya
- Khariboli, Mahaveer Prasad Dwevedi, Govind Mishra, Aadiwasi Vimarsh, Sahitya ke vividh Aayam
- Hindi Vyangya, Aadhunik Hindi, Katha Sahitya, Gharalu Hinsa, Kaamkaji Mahilayen
- Media aur Naari, Muslim Bhakti Kavi, Sanskritik Samanvya, Bundeli Bhasha, Banna Geet, Muktibodh ki maa
- Rameshdutt Dube, Kanti Kumar Jain, Vidhya Sagar Nautiyal, Shrilal Shukla
Binding: hardcover
Number Of Pages: 216
Release Date: 01-12-2016
Details: सम-सामयिक विषयों पर लेखें जैसे----21वीं सदी की हिन्दी भाषा के वृहद आयाम, हिन्दी का पहला कवि अमीर खुसरो, संस्कृति और समाज के महान साधक-तुलसीदीस, मानव धर्म के विश्लेषक-कबीर, मुक्तिबोध के साहित्य और मूल्य और मूल्य सम्बंधी विचार, बीसवीं सदी की खड़ी बोली को महावीर प्रसाद द्विवेदी की देन, राष्टीय चेतना के कवि श्री मैथिलीशरण गुप्त, वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में साहित्य का सामाजिक सरोकार, गोविन्द मिश्र, अादिवासी विमर्श, मीडिया, मुक्तिबोध, साहित्य के विविध आयाम, हिन्दी व्यंग्य, हिन्दी लेखिकाओं की अनुभूति व अभिव्यक्ति, घरेलू हिंसा, महिलाएँ, मीडिया और नारी, मुस्लिम भक्त कवि, बुन्देली भाषा, बुंदेली परम्परा और संस्कृति, मुक्तिबोध की मां, रमेश दत्त दूबे, कान्तिकुमार जैन, व्यंग्य, साहित्य में व्यक्त संसद और खामियाँ, भारतीय परिवेश, कृष्णायन महाकाव्य, विद्यासागर नौटियाल, श्री लाल शुक्ल, आत्मचिन्तन की भावमुक्तावली , सांसारिक सत्य का साक्षात्काल, आत्मसंघर्ष की कविताएँ
EAN: 9789383962396
Package Dimensions: 8.7 x 5.8 x 0.9 inches
Languages: Hindi, English

















