
Taaron Bhara Aakash
Author: Gunakar Muley
Brand: Rajkamal Prakashan
Binding: paperback
Number Of Pages: 382
Release Date: 01-07-2019
Part Number: 9388753712
Details: गुणाकर मुळे ने विज्ञान के अनेक विषयों पर लगातार लिखा और इसके लिए एक भाषा भी तैयार की, जिसमें कठिन से कठिन अवधारणा को स्पष्ट किया जा सके। उनका उद्देश्य सिर्फ वैज्ञानिक जानकारियों का सम्प्रेषण नहीं था, वे हिन्दी समाज में सोच और व्यवहार के स्तर पर वैज्ञानिक चेतना और दृष्टि की स्थापना करना चाहते थे। विभिन्न विषयों पर उनकी पुस्तकों को इसी नजरिये से पढऩा चाहिए। तारों भरा आकाश समाज में व्याप्त ज्योतिष-सम्बन्धी अन्धविश्वासों को पाठकों के मन से दूर करने के लिए लिखी गई पुस्तक है। इसमें आकाश के विषय में विस्तार से जानकारी दी गई है। पुस्तक को आद्योपांत पढऩे के बाद शायद ही पाठक के मन में किसी अन्धविश्वास के लिए जगह बाकी रहेगी। आकाशगंगा, विभिन्न तारों, तारामंडलों, ज्योतिष वास्तव में क्या है, भारत के प्रसिद्ध गणितज्ञ-ज्योतिषी, उल्का-वृष्टि, और इन सबसे जुड़ी किंवदन्तियों की जानकारी देते हुए पुस्तक में परिशिष्ट के तहत खगोल-विज्ञान का इतिहास, तारा-मंडलों की सूची, राशि नाम और खगोलीय जगत को समझने के लिए पारिभाषिक शब्दावली आदि सहयोगी सामग्री भी दी गई है। आकाश जिसे हम खुली आंखों से एक रहस्यलोक की तरह देखते हैं, इस पुस्तक को पढऩे के बाद हमें और दिलचस्प लगने लगता है।.
EAN: 9789388753715
Package Dimensions: 8.5 x 5.5 x 0.8 inches
Languages: Hindi
Original: $3.92
-65%$3.92
$1.37Product Information
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Shipping & Returns
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Description
Author: Gunakar Muley
Brand: Rajkamal Prakashan
Binding: paperback
Number Of Pages: 382
Release Date: 01-07-2019
Part Number: 9388753712
Details: गुणाकर मुळे ने विज्ञान के अनेक विषयों पर लगातार लिखा और इसके लिए एक भाषा भी तैयार की, जिसमें कठिन से कठिन अवधारणा को स्पष्ट किया जा सके। उनका उद्देश्य सिर्फ वैज्ञानिक जानकारियों का सम्प्रेषण नहीं था, वे हिन्दी समाज में सोच और व्यवहार के स्तर पर वैज्ञानिक चेतना और दृष्टि की स्थापना करना चाहते थे। विभिन्न विषयों पर उनकी पुस्तकों को इसी नजरिये से पढऩा चाहिए। तारों भरा आकाश समाज में व्याप्त ज्योतिष-सम्बन्धी अन्धविश्वासों को पाठकों के मन से दूर करने के लिए लिखी गई पुस्तक है। इसमें आकाश के विषय में विस्तार से जानकारी दी गई है। पुस्तक को आद्योपांत पढऩे के बाद शायद ही पाठक के मन में किसी अन्धविश्वास के लिए जगह बाकी रहेगी। आकाशगंगा, विभिन्न तारों, तारामंडलों, ज्योतिष वास्तव में क्या है, भारत के प्रसिद्ध गणितज्ञ-ज्योतिषी, उल्का-वृष्टि, और इन सबसे जुड़ी किंवदन्तियों की जानकारी देते हुए पुस्तक में परिशिष्ट के तहत खगोल-विज्ञान का इतिहास, तारा-मंडलों की सूची, राशि नाम और खगोलीय जगत को समझने के लिए पारिभाषिक शब्दावली आदि सहयोगी सामग्री भी दी गई है। आकाश जिसे हम खुली आंखों से एक रहस्यलोक की तरह देखते हैं, इस पुस्तक को पढऩे के बाद हमें और दिलचस्प लगने लगता है।.
EAN: 9789388753715
Package Dimensions: 8.5 x 5.5 x 0.8 inches
Languages: Hindi






