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Ulti Ginti

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Ulti Ginti

Author: Anshuman Tiwari

Brand: Rajkamal Prakashan

Edition: First Edition

Binding: paperback

Number Of Pages: 288

Release Date: 15-09-2021

Details: कोविड महामारी ने भारतीय अर्थव्यवस्था को ऐसे समय तहस-नहस कर दिया जब यह पहले से ही गहरे ढाँचागत मन्दी से जूझ रही थी। करोड़ों लोगों के रोजगार गँवा देने और उनके सैकड़ों किलोमीटर पैदल चलकर अपने गाँव लौटने के बीच शेयर बाजार न केवल तेजी से पटरी पर लौटा बल्कि जल्दी ही ऊँचाइयों पर पहुँच गया। 2020 के भारत में चरम आर्थिक असमानता जिस तरह प्रमुखता से दिखाई दे रही है, वैसी पहले कभी नहीं देखी गई। बेहद सख्त लॉकडाउन थोपे जाने का सिलसिला शुरू होने के एक साल बाद, ‘उलटी गिनती’ इस आपदा के आर्थिक परिणामों/प्रभावों की समझ बनाने की कोशिश करती है और इसकी पड़ताल करती है कि क्या भारत सुधार-प्रक्रिया की कुछेक अहम उपलब्धियों यानी प्रतियोगिता और गरीबी में तेज गिरावट को, उलटने के करीब है। भारत के लिए समय तेजी से निकलता जा रहा है। यहाँ तक कि बढ़त के सर्वोत्तम सालों के दौरान, भारत पर्याप्त रोजगार पैदा करने या मानव विकास की दिशा में ठोस प्रगति करने में विफल रहा। अब जनसांख्यिकी लाभांश के दौर के अन्तिम दशक में, भारत की अर्थव्यवस्था को दोबारा गति देने के लिए एक साहसिक नजरिए की जरूरत है। ‘उलटी गिनती’ सतत सुधार के लिए एक खाका पेश करती है जो भारत को तेज बढ़त की पटरी पर वापस ला सकता है और न्यूनतम सम्भव समय में उसकी युवा आबादी के लिए करोड़ों रोजगार पैदा कर सकता है।

EAN: 9789390971282

Package Dimensions: 7.8 x 5.0 x 0.9 inches

Languages: Hindi

$2.36
Ulti Ginti
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Product Information

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Description

Author: Anshuman Tiwari

Brand: Rajkamal Prakashan

Edition: First Edition

Binding: paperback

Number Of Pages: 288

Release Date: 15-09-2021

Details: कोविड महामारी ने भारतीय अर्थव्यवस्था को ऐसे समय तहस-नहस कर दिया जब यह पहले से ही गहरे ढाँचागत मन्दी से जूझ रही थी। करोड़ों लोगों के रोजगार गँवा देने और उनके सैकड़ों किलोमीटर पैदल चलकर अपने गाँव लौटने के बीच शेयर बाजार न केवल तेजी से पटरी पर लौटा बल्कि जल्दी ही ऊँचाइयों पर पहुँच गया। 2020 के भारत में चरम आर्थिक असमानता जिस तरह प्रमुखता से दिखाई दे रही है, वैसी पहले कभी नहीं देखी गई। बेहद सख्त लॉकडाउन थोपे जाने का सिलसिला शुरू होने के एक साल बाद, ‘उलटी गिनती’ इस आपदा के आर्थिक परिणामों/प्रभावों की समझ बनाने की कोशिश करती है और इसकी पड़ताल करती है कि क्या भारत सुधार-प्रक्रिया की कुछेक अहम उपलब्धियों यानी प्रतियोगिता और गरीबी में तेज गिरावट को, उलटने के करीब है। भारत के लिए समय तेजी से निकलता जा रहा है। यहाँ तक कि बढ़त के सर्वोत्तम सालों के दौरान, भारत पर्याप्त रोजगार पैदा करने या मानव विकास की दिशा में ठोस प्रगति करने में विफल रहा। अब जनसांख्यिकी लाभांश के दौर के अन्तिम दशक में, भारत की अर्थव्यवस्था को दोबारा गति देने के लिए एक साहसिक नजरिए की जरूरत है। ‘उलटी गिनती’ सतत सुधार के लिए एक खाका पेश करती है जो भारत को तेज बढ़त की पटरी पर वापस ला सकता है और न्यूनतम सम्भव समय में उसकी युवा आबादी के लिए करोड़ों रोजगार पैदा कर सकता है।

EAN: 9789390971282

Package Dimensions: 7.8 x 5.0 x 0.9 inches

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