
Uttar Taimoorkaleen Bharat : Vol. 2
Author: Saiyad Athar Abbas Rizvi
Brand: Rajkamal Prakashan
Edition: First Edition
Binding: hardcover
Number Of Pages: 624
Release Date: 01-01-2010
Part Number: 8126718412
Details: तुगलक वंश के अन्त तथा बाबर के सिंहासनारोहण के मध्य की महत्त्वपूर्ण घटना तैमूर का आक्रमण थी जिसने भारतवर्ष के केन्द्रीय शासन को छिन्न-भिन्न कर दिया और देहली के सुल्तानों से कहीं अधिक महत्त्व प्रान्तीय राज्यों को प्राप्त हो गया, अतः 1399 से 1526 ई. तक के इतिहास को दो भागों में विभाजित करके प्रकाशित किया गया है। पहला भाग तो देहली के सुल्तानों के राज्य से सम्बन्धित था और दूसरा भाग उन प्रान्तीय राज्यों से सम्बन्धित है जिनका अभ्युदय फीरोज तुगलक के समय में ही धीरे-धीरे होने लगा था और जो तैमूर के आक्रमण के उपरान्त पूर्णतः स्वतंत्र हो गये। इस पुस्तक में जौनपुर के सुल्तानों से सम्बन्धित ‘तबकाते अकबरी’ तथा ‘गुलशने इबराहीमी’ अथवा ‘तारीख़े फरिश्ता’, कालपी से सम्बन्धित ‘तारीख़े मुहम्मदी’, मालवा से सम्बन्धित ‘तबकाते अकबरी’, ‘वाकेआते मुश्ताकी’ एवं ‘ज़फरुल वालेह’, गुजरात से सम्बन्धित ‘तबकाते अकबरी’, ‘मिरआते सिकन्दरी’ तथा ‘ज़फरुल वालेह’, सिन्ध से सम्बन्धित ‘तबकाते अकबरी’ तथा ‘तारीख़े सिन्ध’, मुल्तान तथा कश्मीर से सम्बन्धित ‘तबकाते अकबरी’ और बंगाल से सम्बन्धित ‘तबकाते अकबरी’, ‘तारीख़े फरिश्ता’ एवं ‘रियाज़ुस् सलातीन’ के सम्पूर्ण अंशों का अनुवाद किया गया है। इतिहासकारों तथा उनकी कृतियों का परिचय अनुवाद के प्रारम्भ में प्रस्तुत किया गया है। उम्मीद है, यह प्रस्तुति पाठकों के लिए उपादेय होगी।
EAN: 9788126718412
Package Dimensions: 9.9 x 6.5 x 1.7 inches
Languages: Hindi
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Description
Author: Saiyad Athar Abbas Rizvi
Brand: Rajkamal Prakashan
Edition: First Edition
Binding: hardcover
Number Of Pages: 624
Release Date: 01-01-2010
Part Number: 8126718412
Details: तुगलक वंश के अन्त तथा बाबर के सिंहासनारोहण के मध्य की महत्त्वपूर्ण घटना तैमूर का आक्रमण थी जिसने भारतवर्ष के केन्द्रीय शासन को छिन्न-भिन्न कर दिया और देहली के सुल्तानों से कहीं अधिक महत्त्व प्रान्तीय राज्यों को प्राप्त हो गया, अतः 1399 से 1526 ई. तक के इतिहास को दो भागों में विभाजित करके प्रकाशित किया गया है। पहला भाग तो देहली के सुल्तानों के राज्य से सम्बन्धित था और दूसरा भाग उन प्रान्तीय राज्यों से सम्बन्धित है जिनका अभ्युदय फीरोज तुगलक के समय में ही धीरे-धीरे होने लगा था और जो तैमूर के आक्रमण के उपरान्त पूर्णतः स्वतंत्र हो गये। इस पुस्तक में जौनपुर के सुल्तानों से सम्बन्धित ‘तबकाते अकबरी’ तथा ‘गुलशने इबराहीमी’ अथवा ‘तारीख़े फरिश्ता’, कालपी से सम्बन्धित ‘तारीख़े मुहम्मदी’, मालवा से सम्बन्धित ‘तबकाते अकबरी’, ‘वाकेआते मुश्ताकी’ एवं ‘ज़फरुल वालेह’, गुजरात से सम्बन्धित ‘तबकाते अकबरी’, ‘मिरआते सिकन्दरी’ तथा ‘ज़फरुल वालेह’, सिन्ध से सम्बन्धित ‘तबकाते अकबरी’ तथा ‘तारीख़े सिन्ध’, मुल्तान तथा कश्मीर से सम्बन्धित ‘तबकाते अकबरी’ और बंगाल से सम्बन्धित ‘तबकाते अकबरी’, ‘तारीख़े फरिश्ता’ एवं ‘रियाज़ुस् सलातीन’ के सम्पूर्ण अंशों का अनुवाद किया गया है। इतिहासकारों तथा उनकी कृतियों का परिचय अनुवाद के प्रारम्भ में प्रस्तुत किया गया है। उम्मीद है, यह प्रस्तुति पाठकों के लिए उपादेय होगी।
EAN: 9788126718412
Package Dimensions: 9.9 x 6.5 x 1.7 inches
Languages: Hindi













